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Yamuna Nagar News: गर्म कपड़ों के कारोबार पर मौसम की मार

Wed, 13 Nov 2024 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। इस बार गर्म कपड़ों के कारोबार पर मौसम की मार पड़ रही है। नवंबर माह आधा बीतने को है, तब भी गर्म कपड़ों के बाजार व दुकानों पर रौनक नहीं है। वहीं थोक व फुटकर दुकानदार सितंबर माह से ही लुधियाना से मंगवाए गर्म कपड़ों का स्टॉक करने लगे थे।
दुकानदारों को उम्मीद थी कि दिवाली व छठ के बाद सर्दी बढ़ने पर गर्म कपड़ों की बिक्री होने लगेगी, पर ऐसा नहीं हुआ। नवंबर आधा बीतने पर भी गर्म कपड़ों के बाजार व दुकानों पर सुबह से शाम तक सन्नाटा है और दुकानदार हताश बैठे हैं। दुकानों पर भूले से कोई इक्का-दुक्का लोग ही आ रहे हैं, उनमें भी ज्यादातर खरीदने के देखकर ही लौट रहे हैं। इ
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शहर के मीराबाई बाजार, न्यू मार्केट सहित छोटी लाइन, रेलवे व वर्कशॉप रोड सहित अन्य मार्गों व कॉलोनियों में भी रेडीमेड कपड़ों की करीब दो हजार दुकानें हैं। यहां थोक व फुटकर दुकानदार सितंबर में लुधियाना से गर्म कपड़े मंगवाने लगते हैं और अक्तूबर में सर्दी बढ़ने पर यह कपड़े दुकानों पर सजा दिए जाते हैं। ऐसा ही दुकानदारों ने इस बार किया, पर अभी तक गर्म कपड़ों की मांग नहीं है।
कैंप के मेन बाजार में वडेरा फैशन के संचालक अभी ने बताया कि अक्तूबर में दिवाली-छठ पर्वों पर गर्म कपड़ों की बिक्री शुरू हो जाती है, पर नवंबर आधा बीतने पर भी बिक्री न के बराबर है। ऐसे ही शहर के अन्य थोक व फुटकर दुकानदार दो माह पहले लुधियाना के गर्म कपड़ों का स्टॉक कर बैठे हैं, पर अभी तक बिक्री न होने से हताश हैं। गर्म कपड़ों की बिक्री न होने की बड़ी वजह सर्दी में देरी है।
नवंबर में ही दोपहर में गर्मी महसूस हो रही है। धूप से पसीने भी छूट रहे हैं। इस कारण लोगों का रुझान गर्म कपड़ों की ओर नहीं हो पाया है। केवल इक्का-दुक्का लोग ही आगामी विवाह समारोह के लिए गर्म कपड़े खरीद रहे हैं। दुकानदार अभी ने बताया कि ऊन से लेकर गर्म कपड़ों में जैकेट, स्वेटर, स्वेटशर्ट, गर्म जूराबें, दस्ताने, टोपी, इनर व अन्य सामान दो माह पहले स्टॉक कर लिए थे, पर अभी तक बिक्री नाममात्र हुई है।
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अक्तूबर में गर्म कपड़े बिकने लग जाते थे, पर अभी तक ऐसा नहीं हुआ। इससे गर्म कपड़ों के कारोबार का सीजन कम समय का रह जाएगा, जिससे दुकानदारों को व्यापार में पूंजी फंसने की चिंता सता रही है। क्योंकि अगले वर्ष गर्म कपड़ों का अलग फैशन होगा, तब इन कपड़ों को बेचना मुश्किल होगा।
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