संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर (यमुनानगर)। पहाड़ों पर बर्फ जमने से हथिनीकुंड बैराज का पानी प्रतिदिन घट रहा है। इससे पन बिजली परियोजनाओं को नाममात्र का पानी मिल रहा है। वहीं यूपी की जलापूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी गई है। इससे नहरी क्षेत्र में रहने वाले किसानों को सिंचाई करने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गेज रीडर अली नवाज ने बताया कि हथनीकुंड बैराज पर रविवार को शाम छह बजे मात्र 1452 क्यूसेक पानी पहुंचा। इसमें से यमुना को 352, पश्चिमी नहर को 1100 पानी दिया गया, जबकि यूपी की जल आपूर्ति पूरी तरह से बंद की गई है। सुबह छह बजे 1397, सात बजे 1384, आठ बजे 1374, नौ बजे 2719, दस बजे 3722, 11 बजे 2825, 12 बजे 2612, एक बजे 2258, दो बजे 1579, तीन बजे 1547, चार बजे 1511, पांच बजे 1482 व छह बजे 1452 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया।
इसमें से यमुना में 352, पश्चिमी नहर को 1100 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की गई। वहीं यूपी की जलापूर्ति पूरी तरह से बंद है। जिस प्रकार से हथिनी कुंड बैराज पर नाम मात्र पानी बह रहा है, ऐसे में पन बिजली परियोजनाओं के साथ-साथ नहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फसलों में सिंचाई आदि के लिए किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग के अनुसार मार्च तक बर्फ जमने के कारण समस्या रहेगी। उसके बाद जलापूर्ति में सुधार होने की संभावना है।