संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने की मांग के लिए किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, लेकिन दूसरी ओर खरीद की तैयारियों को लेकर मंडी बोर्ड और प्रशासन के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। किसान कई दिनों से मंडियों में धान की फसल लेकर पहुंच रहे हैं जबकि अनाज मंडियों में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है।
जगाधरी अनाज मंडी की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। यहां मुख्य सड़कों के बीच पानी के भराव से भारी कीचड़ जमा हो गया है। मंडी की सड़कों पर कीचड़ में भैंसों के झुंड इस तरह आराम फरमाते दिख रहे हैं, मानो मंडी न होकर गांव का कोई तालाब हो। हद तो यह है कि मंडियों में लाइटों को ठीक करने जैसी बुनियादी मरम्मत का काम भी अब अंतिम समय में शुरू किया जा रहा है।
छछरौली मंडी में शौचालय बंद, सीवरेज ओवरफ्लो
वहीं छछरौली अनाज मंडी की हालत इससे भी ज्यादा खराब है। दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए बनाए गए शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। मंडी परिसर में सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रही है। मुख्य गेट के पास स्थित मूत्रालय बदहाल स्थिति में हैं और चारों ओर कबाड़ के ढेर पड़े हुए हैं, जिससे किसानों को भारी दुर्गंध और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों को सिर्फ परेशानियां मिल रही हैं : संजू गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने मंडी व्यवस्थाओं पर कड़ा रोष जताया है। उनका कहना है कि किसानों को सुविधाएं देने के नाम पर मंडियों में धरातल पर कुछ नहीं है। किसान हर बार इसी तरह मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होते हैं। हद तो यह है कि मंडी में बने शौचालयों के ताले खुलवाने के लिए भी अधिकारियों को शायद किसी सरकारी तारीख का इंतजार है।
सभी मार्केट कमेटी के सचिवों को डीसी ने खरीद शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के आदेश कर रखे हैं। सचिव कमियों को पूरा करने में जुटे हैं। जल्द ही तैयारियों की समीक्षा भी की जाएगी।
- नितिश सिंगला, डीएफएससी, यमुनानगर।