संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक तरफ जहां जिले से सटी शिवालिक की पहाड़ियों पर जमकर बर्फबारी हो रही, वहीं दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाने से ठिठुरन बढ़ गई। वहीं बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 18 डिग्री व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने इस सप्ताह तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान लगाया है।
वहीं घना कोहरा छाने से दृश्यता न के बराबर रही। वाहन भी रेंग-रेंग कर चले। यहां तक ट्विन सिटी की सड़कें भी सुनसान रही। हालांकि दोपहर को कुछ समय के लिए धूप निकली। तब जाकर लोग घरों, दुकानों से बाहर निकल धूप का आनंद लिया। उसके बाद फिर से शाम को ठंडक घुल गई।
ठंड के साथ शीत लहर लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। सुबह से शाम तक ठंडी हवाएं चल रही हैं। ठिठुरन से बचने के लोग शाम होते ही अलाव पर हाथ सेकते रहे। कड़ाके की सर्दी से मानव और मवेशी संग जीव-जंतु बेहाल हैं। इससे राहत पाने के लिए लोग अलाव और बिस्तर में कैद रहे। कामकाज पर निकलने वाले लोग ठिठुरते रहे।
हालांकि लोहड़ी पर्व के दौरान सर्दी कम होने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन पिछले तीन दिन से जिले में घना कोहरा पड़ रहा है। लोगों को ठंड से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बूंदाबांदी नहीं होगी तब तक मौसम पूरी तरह से साफ नहीं होगा।
गेहूं के लिए फायदेमंद कोहरा
जिले में 85 हजार हेक्टेयर में इस बार गेहूं की फसल है। कोहरा जहां जनजीवन पर सितम ढा रहा है, वहीं गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद भी है। कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर बलबीर सिंह के मुताबिक कोहरा जितना पड़ेगा, गेहूं के लिए उतना ही फायदा होगा। टमाटर की फसल के लिए कोहरा काफी नुकसानदायक है। हालांकि जिले में टमाटर की खेती कुछ ही हिस्से में है। वहीं उधर कोहरे का सड़क और रेल यातायात पर व्यापक असर रहा।