संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छोटा बांस स्थित डेहा बस्ती में अवैध निर्माणों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद वीरवार को हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड के अध्यत्र जसमेर सिंह बंजारा पहुंचे। चेयरमैन में प्रभावित परिवारों का हाल जाना। इस दौरान बस्ती में डेहा समाज के लोगों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों पक्षों ने चेयरमैन के सामने अपनी शिकायतें रखीं।
डेहा समाज के लोगों ने कहा कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और प्रशासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उनके मकान तोड़ दिए। इससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। लोगों ने दावा किया कि बस्ती में करीब 500 परिवार रहते हैं और अब तक करीब 50 मकानों पर कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने सरकार से पुनर्वास की मांग उठाते हुए कहा कि रहने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए।
वहीं स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने बस्ती के कुछ लोगों पर नशा तस्करी, चोरी और क्षेत्र का माहौल खराब करने के आरोप लगाए। किसान अजय राव ने कहा कि अवैध कब्जों और आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें लंबे समय से की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नशे का कारोबार बढ़ा है और लोग लगातार परेशान हैं। किसान यूनियन से जुड़े लोगों ने भी खेतों से मोटर और बिजली तार चोरी होने की शिकायत की।
बैठक के दौरान स्थानीय निवासी प्रवीन सैनी भावुक हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्ती के कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान करते हैं, जिससे वे मानसिक तनाव में हैं। इस पर डेहा समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी एक की गलती के लिए पूरे समाज को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अध्यक्ष बंजारा ने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोगों की मांगों और समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही कहा कि डेहा समाज के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन के लिए प्रयास किए जाएंगे।
डेहा समुदाय का देश में महत्वपूर्ण योगदान : जसमेर
रादौर क्षेत्र की डेहा बस्ती के दौरे के दौरान हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसमेर सिंह ने समाज की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डेहा समुदाय का देश के इतिहास और सामाजिक सरोकारों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।आज बड़ी संख्या में परिवार मूलभूत सुविधाओं और स्थायी आवास जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार और प्रशासन को विशेष योजनाएं लागू करनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रभावी पहल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।