संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। उपमंडल छछरौली के गांव इब्राहिमपुर पंचायत के अंतर्गत आने वाले रेडे माजरा में पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट गहराया हुआ है। ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल ऑपरेटर पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके कारण 15 से 20 घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही है। भीषण गर्मी में पानी की समस्या ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में विभाग का ट्यूबवेल होने के बावजूद रेडे माजरा की ओर जाने वाली जलापूर्ति अक्सर बंद रखी जाती है। इसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर खेतों में लगे निजी ट्यूबवेलों और जंगल क्षेत्र के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। महिलाओं को सिर पर पानी ढोकर घर तक लाना पड़ रहा है।
कुर्बान, दिलशाद, नवाब, शालिम, मुस्ताक, ताज मोहम्मद, नियामो, आशिया, बग्गा, सकूरी, असरी और कतीजा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि समस्या एक वर्ष से अधिक समय से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले भी विभाग को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद कुछ समय तक पानी की आपूर्ति सुचारू रही, लेकिन बाद में स्थिति फिर खराब हो गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्यूबवेल ऑपरेटर ने कार्रवाई से बचने के लिए लोगों को टोंटी बिल माफ कराने का भरोसा देकर हस्ताक्षर करवाए और उसे अपने पक्ष में विभाग को सौंप दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई तथा पेयजल आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की है।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गुरदीप सिंह ने बताया कि रेडे माजरा से शिकायत मिलने के बाद जांच में इब्राहिमपुर के ट्यूबवेल ऑपरेटर की लापरवाही सामने आई है। इसके चलते उसे हटा दिया गया है तथा पंचायत को नया ऑपरेटर नियुक्त करने के लिए कहा गया है।