यमुनानगर/रादौर। हम यह सोचते है कि मेरे घर में कोई नशा नहीं कर रहा है, दूसरे के घर में कर रहा है मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता, मेरे पास तो बहुत काम है। जब तक यह सोच रहेगी तब तक सुधार नहीं हो सकता है। हर व्यक्ति स्वयं को एक सिपाही समझे और नशा नामक राक्षस का सिर कुचलने में सहयोग करे। हम सुरक्षित स्थान पर रहते हैं और देश के सिपाही कठिन परिस्थितियों में सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। यदि अपने देश और समाज के लिए थोड़ा सा भी कुछ करें, तो यह बहुत बड़ा कार्य हो सकता है। नशे को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
यह बातें हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो प्रमुख एवं अंबाला मंडल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीकांत जाधव ने कही। एडीजीपी श्रीकांत जाधव सोमवार को जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला में बोल रहे थे। वे नशा मुक्ति जागरुकता के 25 वें कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। यहां एडीजीपी ने सभी को नंबर उपलब्ध करवाया कि यदि उनके आसपास नशे का कारोबार हो रहा है, तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए। इसकी मॉनिटरिंग वे स्वयं कर रहे हैं। सूचना देने वाले का नाम व पहचान गुप्त रखी जाएगी।
जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल विशिष्ट अतिथि रहे। इस दौरान एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए नशा मुक्ति शिविर लगाए जा रहे हैं। हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो में जागरुकता अभियान एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि श्रीकांत जाधव की मानवतावादी सोच के चलते उन्होंने वर्ष 1999 में प्रयास संस्था का गठन किया था। उन्होंने गोवंश के लिए नारा दिया था, कि गऊ आवारा नहीं बेसहारा हैं। उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के लिए वर्ष 2017 में रोटी बैंक का गठन किया, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में जरूरतमंदों के निवास तक भोजन उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने 2020 में एनसीबी की कमान संभालते ही प्रदेश को नशा मुक्त करने का बीड़ा उठाया। परिणामस्वरूप प्रतिदिन नशा फैला रहे असामाजिक लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। वहीं जागरुकता अभियान चलाकर प्रत्येक गांव, शहर, कस्बे, विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय में नशे के खिलाफ जागरुकता फैलाई जा रही है। इतना ही नहीं एनसीबी और प्रयास संस्था द्वारा 20 से अधिक युवाओं को पूरी तरह नशा मुक्त कर दिया है। संस्थान निदेशक डॉ. संजीव कुमार गर्ग ने संस्थान के बारे बताया। संचालन डॉ. अजायब सिंह ने किया।
श्रीकांत जाधव ने सभी लोगों को नशे के खिलाफ लोगों को शपथ दिलवाई। यहां विद्यार्थियों ने एक स्वर में कहा कि हमने ठाना है देश को नशा मुक्त बनाना है। वे जीवन में नशा नहीं करेंगे और अन्य लोगों को भी न करने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके बाद मुख्यातिथि ने नशा मुक्ति पैदल जागरुकता यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता यात्रा जेएमआईटी कॉलेज से छोटाबांस तक निकाली गई। कार्यक्रम में संस्थान महासचिव डॉ. रमेश कुमार, ज्ञान प्रकाश शर्मा, रोटरी क्लब प्रधान डॉ. एससी सैनी, शीतल पांडे, मंजीत सिंह पंजेटा, ब्रह्मा टंडन, मुकेश अरोड़ा मक्की, मोहित गर्ग, अशोक गुंबर, जरनैल सिंह, रविकांत, वेदपाल, डॉ. पायल, संदीप, निर्मल सिंह, प्रयास कार्यकारिणी यमुनानगर प्रधान रोशन लाल, जितेंद्र सिंह, लालू कुमार, राहुल गुप्ता, अमन कुमार, यजुवेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
कॉलेज के कार्यक्रम में मुख्यातिथि विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। इस दौरान कॉलेज निदेशक डॉ. एसके गर्ग, निदेशक विवेक शर्मा, रजिस्ट्रार अंकुश सिंगला, रोटरी क्लब सदस्य मास्टर देवीदयाल अरोड़ा, कर्मवीर खुर्दबन, वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान व पार्षद भगवत दयाल कटारिया को एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
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विद्यार्थियों ने नशा न करने की ली शपथ
-सेठ जय प्रकाश पॉलिटेक्निक कॉलेज के एनएसएस शिविर का आज होगा समापन।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर।
दामला स्थित सेठ जय प्रकाश पॉलिटेक्निक कॉलेज में लगाया गया एनएसएस का साप्ताहिक शिविर अंतिम चरण में है। शनिवार को छठे दिन स्वयंसेवकों ने शिविर में उत्साह से भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर लोगाें को जल संरक्षण का महत्व बताया। विद्यार्थियों ने यहां नशा न करने और दूसरों को भी न करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।
राज्य पुरस्कार विजेता एनएसएस अधिकारी डॉ. राजेश गर्ग ने स्वयंसेवकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ ही जल की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि यदि जल नहीं होगा, तो पृथ्वी पर जीवन भी नहीं होगा। यह वह प्राकृतिक रत्न है जिसका कोई अन्य विकल्प नहीं है। मानवीय इच्छाओं के चलते हमने प्रकृति का काफी नुकसान किया है। जिस कारण हमें प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा कारण मानवीय इच्छा पूर्ति के लिए प्रकृति को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि निरंतर भू-जल स्तर गिर रहा है। जिसका संरक्षण बेहद जरूरी है। इस दौरान विद्यार्थियों ने जल संरक्षण की शपथ ली। इसके बाद स्वयंसेवकों ने आसपास के गांवों में पहुंचकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया। इसके बाद कॉलेज के विद्यार्थी जयप्रकाश तकनीकी संस्थान में नशा विरोधी जागरुकता अभियान में शामिल होने गए। यहां पर एडीजीपी एवं आईजी श्रीकांत जाधव ने सभी को नशा के खिलाफ जागरूक किया।