संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में दो स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाने पर करोड़ों खर्च के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। नगर निगम अफसर यहां शहरी सड़कों से रेहड़ियां शिफ्ट नहीं कर पाए हैं। इससे वेंडिंग जाेन सुनसान पड़े हैं और पहले जैसे सड़कों किनारे खड़ी रेहड़ियां ट्रैफिक जाम की वजह बन रही हैं। वहीं विपक्षी निवर्तमान पार्षद निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से सेक्टर-17 समीप गणेश नगर व शक्तिनगर में वेयर हाउस गोदाम के साथ वेंडिंग जोन बनाए गए, पर दोनों सालभर से सुनसान पड़े हैं। गणेश नगर के वेंडिंग जोन में करीब 350 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह है, पर यहां अभी नगर निगम की ओर से सड़कों पर लग रही रेहड़ियां शिफ्ट नहीं की गईं।
ऐसे ही शक्तिनगर में करीब सौ रेहड़ियां खड़ी हो सकती हैं, पर यहां भी कोई रेहड़ी शिफ्ट नहीं हुई। इस तरह दोनों वेंडिंग जोन पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी अधिकांश रेहड़िया पहले जैसे शहर की सड़कों किनारे खड़ी हैं। संकरे रास्तों पर सुबह से शाम ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इस पर भी निगम अफसरों का ध्यान नहीं है। जबकि ये हालात पैदल राहगीरों व वाहन चालकों के आने-जाने में बाधक बन रहे हैं।
इनेलो से वार्ड सात के पार्षद रामआसरा भारद्वाज व वार्ड आठ से पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि वेंडिंग जोन के लिए चुने गए स्थान सही नहीं है। कहीं नाले पर स्लैब डाल तो कहीं नाले के साथ या सुनसान जगह पर यह वेंडिंग जोन बना दिए गए हैं। इन स्थानों के चयन से पहले जिन्हें यहां काम करना है, उन रेहड़ीवालों की भी सहमति नहीं ली गई। यही वजह है कि रेहड़ीवाले काम में मंदी के डर से वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं होना चाहते।
जल्द वेंडिंग जोन में स्ट्रीट वेंडर्स को भी शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस संबंध में संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।