यमुनानगर। हिमाचल में बारिश की वजह से टमाटर की सप्लाई कम हो गई है। इससे टमाटर की कीमत में इजाफा हो गया है। 15 दिनों में टमाटर के दाम 60 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। जिसका मुख्य कारण हिमाचल से आवक में कमी और पिछले महीने हुई अत्यधिक वर्षा है। इस मूल्य वृद्धि का असर ग्राहकों और सब्जी विक्रेताओं दोनों पर पड़ रहा है। टमाटर के बढ़ते दाम से न सिर्फ टमाटर ग्राहक परेशान है बल्कि सब्जी विक्रेताओं की खरीद भी कम हो गई है।
सब्जी मंडी में टमाटर खरीदने आए हरीश कुमार ने बताया कि पहले टमाटर 20 से 30 के बाद 60 रुपये किलो मिल जाता था लेकिन अब 100 प्रति किलो हो गया है। 100 रुपये में 3 से 4 किलो टमाटर मिल जाता था लेकिन अब 1 किलो ही मिल पा रहा है। सब्जी विक्रेता इरशाद और भूषण कुमार ने बताया कि हिमाचल में बारिश की वजह से टमाटर के दाम में अचानक से उछाल आया है जब तक मार्केट में नासिक का टमाटर नहीं आता टमाटर के दामों में और भी इजाफा हो सकता है। उन्होंने बताया कि पहले जब टमाटर सस्ता था तो उसकी ज्यादा बिक्री होती थी लेकिन टमाटर के रेट बढ़ने से टमाटर दिख नहीं पा रहा है।
वहीं, दुकानदार सागर का कहना है कि पिछले सप्ताह की तुलना में टमाटर की आवक कम होने से दाम तेजी से ऊपर गए हैं। इस महंगाई का सीधा असर लोगों की थाली पर पड़ा है। कई परिवारों ने टमाटर की खरीदारी में कटौती शुरू कर दी है। टमाटर का स्वाद खाने में अलग निखार देता है, लेकिन अब इतने महंगे दाम पर रोजाना खरीदना मुश्किल हो गया है। ग्राहकों का कहना है कि टमाटर की कीमतें बढ़ने से घरों में तड़का लगाने का खर्च भी बढ़ गया है। कई परिवारों ने सब्जी की ग्रेवी में टमाटर की मात्रा कम कर दी है, जिससे खाने का स्वाद भी प्रभावित हो रहा है। टमाटर के बिना ग्रेवी का रंग और स्वाद दोनों फीका लगते हैं।