संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। खंड व्यासपुर के गांव भमनौली में एससी चौपाल में आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन पर विवाद हो गया। अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों ने चौपाल का उपयोग सामाजिक कार्यक्रमों के लिए नहीं होने देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पंचायत सदस्य गीता रानी ने महिलाओं के साथ मिलकर कमरे पर ताला लगा दिया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए रोष भी जताया।
सुनीता, पूनम, रजनी, जयपाल व अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक कार्यों के लिए एससी चौपाल का निर्माण कराया गया था। गांव में आंगनबाड़ी के लिए कोई जगह नहीं दी। इसलिए आंगनबाड़ी वर्कर ने कुछ दिनों के लिए बच्चों के लिए चौपाल में एक कमरा देने को कहा था। आंगनबाड़ी वर्कर रेनू बाला ने पूरी चौपाल को ही केंद्र के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि कई साल बाद भी आंगनबाड़ी को खाली नहीं किया गया। पहले एक कमरा लिया, अब दूसरे कमरे में भी वर्कर ने आंगनबाड़ी का सामान डाल दिया है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी में रोजाना केवल एक या दो ही बच्चे आते हैं। कमरे खाली नहीं होने से शादी-ब्याह, गमी और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
गांव में कोई शादी, बरात का कार्यक्रम हो तो आंगनबाड़ी का सामान पड़ा होने की वजह से वह इसमें कोई कार्यक्रम नहीं कर पाते। मौसम खराब हो तो लोगों के घरों में कार्यक्रम करने पड़ते हैं। अब गांव में एक विधवा महिला की आवास योजना के तहत कॉलोनी मंजूर हुई है। उसके नए घर का काम लगना है।
महिला ने निर्माण पूरा होने तक अपना सामान एससी चौपाल में रखने की अनुमति पंचायत व मौजिज लोगों से मांगी थी। परंतु आंगनबाड़ी वर्कर ने कमरा खाली करने से मना कर दिया। इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आंगनबाड़ी के कमरे पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार बीडीपीओ और पंचायत अधिकारियों के समक्ष समस्या रख चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
कार्यक्रम के लिए दूसरी जगह उपलब्ध : सरपंच
सरपंच अरुण गुर्जर ने बताया कि जगह की कमी के कारण एससी चौपाल में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहा है। आंगनबाड़ी के लिए प्रस्तावित जगह पर कोर्ट केस चल रहा है। हड्डा रोड़ी की जमीन पर भी कुछ लोगों का कब्जा है। मामला डीडीपीओ कोर्ट में करीब छह साल से लंबित है। आंगनबाड़ी के लिए स्थायी जगह मिलने तक ग्रामीण दूसरी चौपाल या गुरु रविदास मंदिर के लंगर हॉल में कार्यक्रम कर सकते हैं।
गांव भमनौली में रोष प्रकट करते ग्रामीण। संवाद