संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जमना गली अंडरपास से आते-जाते काफी वाहन चालक दिन के समय गिरते-गिरते बच रहे हैं, वहीं कई तो शाम बाद यहां लाइट न होने से अंधेरे में गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं। क्योंकि रेलवे ट्रैक से ठीक नीचे अंडरपास के रास्ते एक तरफ के रोड का करीब दस फीट लंबा हिस्सा समतल किए बगैर छोड़ दिया गया है।
यहां रोड के अन्य हिस्से से दो इंच गहराई है, जिसका दिन में तो वाहन चालकों को पता चल जाता है। शाम को अंधेरा होने पर कई दोपहिया चालक यहां गिरकर चोटिल हो चुके हैं। ऐसे ही यहां बड़े हादसे का डर है, पर रेलवे के संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट के तहत अक्टूबर 2021 में जमना गली रेल फाटक के रास्ते अंडरपास का काम शुरू हुआ था। तब से जुलाई 2023 तक फाटक के रास्ते शहर की कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मार्ग से वाहनों की आवाजाही बंद थी। जो गत जुलाई माह के बीच अंडरपास तैयार होने पर दोबारा चालू हुई, पर अभी भी अंडरपास पर शेड सहित लाइट जैसे काम अधूरे हैं।
अंडरपास से बाइक पर निकल रहे हरियाबांस गांव निवासी शुभम शांडिल्य ने बताया कि उसका रोज अंडरपास के रास्ते शहर आना-जाना होता है। अंडरपास के बीचों-बीच रोड लेवलिंग सही नहीं है, जहां एक तरफ रोड ऊंचा है और दूसरी ओर नीचा है। जहां कई बार आते-जाते बाइक अनियंत्रित होने से गिरते गिरते बचे हैं।
अंडरपास पर लाइट भी नहीं है, इसलिए शाम बाद अंधेरे में कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसलिए संबंधित अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस संबंध में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड अंबाला के चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता का कहना है कि अंडरपास का काम कंस्ट्रक्शन विंग की ओर से किया जा रहा है। इस संबंध में उन्हें बताया जाएगा।