संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इस कदर पंगु हो चुकी हैं कि गंभीर स्थिति में पहुंचीं गर्भवती महिलाओं को भी इलाज के बजाय बदइंतजामी का शिकार होना पड़ रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा प्रभावित रहने के कारण दूर-दराज से आने वाली आठ से नौ माह की गर्भवतियों परेशानी का सामना करना पड़ा।
काफी महिलाएं बिना जांच कराए ही बैरंग लौट गई। मंगलवार को जब हद पार हो गई तो आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के पीएमओ दफ्तर पहुंचकर रोष जताया। अस्पताल परिसर में घंटों इंतजार कर रहे मरीजों को पता चला कि अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। वर्कशॉप निवासी सन्नी ने बताया कि उसकी पत्नी मधु नौ माह की गर्भवती है और वह तीन दिन से अस्पताल के चक्कर काट रहा है।
मंगलवार सुबह 10 बजे ही उसे 15 नंबर का टोकन दे दिया गया था। दोपहर एक बजे तक उसकी पत्नी भूखी-प्यासी बैठी रही। बाद में बताया गया कि प्रिंटर में इंक खत्म हो गई है, इसलिए अल्ट्रासाउंड नहीं हो सकता। वर्कशॉप के ही संदीप ने बताया कि सोमवार को भी उसकी गर्भवती पत्नी को टाल दिया गया था और मंगलवार को बुलाकर फिर मना कर दिया गया।
टोपरा कलां गांव से आए मुर्सलीन ने बताया कि वह पिछले आठ दिनों से अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सिविल अस्पताल आ रहा है, लेकिन हर बार स्टाफ नया बहाना बनाकर घर भेज देता है। शिव कॉलोनी निवासी कर्ण ने दर्द बयां करते हुए कहा कि जांच की शर्त के मुताबिक महिलाएं सुबह से खाली पेट बैठी रहती हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन को उनकी स्थिति पर जरा भी तरस नहीं आ रहा।
कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुर्जर का कहना है कि प्रधान मुकंद लाल अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में मात्र प्रिंटर की इंक खत्म होने जैसे मामूली कारण से अल्ट्रासाउंड जैसी आपातकालीन जांच सेवा बंद कर देना अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है।
प्रिंटर की इंक खत्म होने की वजह से गर्भवतियों के पीएनडीटी फार्म और रिपोर्ट प्रिंट नहीं हो पा रहे थे, जिससे थोड़ी देर के लिए रुकावट आई थी। प्रिंटर की व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करवा दिया गया है। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल।