यमुनानगर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चंडीगढ़ एक बार फिर एक्शन मोड़ में है। इस बार ईडी ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के क्लर्क व अन्य अधिकारियों को जांच के कटघरे में खड़ा किया है। ईडी ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) यमुनानगर के लोअर डिवीजन क्लर्क राघव वधावन और अन्य अधिकारियों की 3.05 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति जब्त की है।
ईडी ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से दी है। ईडी हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए कहा, इस निदेशालय ने पीएमएलए, 2002 के तहत यूएचबीवीएन, यमुनानगर के लोअर डिवीजन क्लर्क राघव वधावन और अन्य की अपराध से प्राप्त 3.05 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी ने अपने ट्विटर हैंडल से यह जानकारी साझा कर हलचल पैदा कर दी है।
यूएचबीवीएन जगाधरी के संचालन प्रभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर 21 फरवरी 2022 को सिटी थाना यमुनानगर में आईपीसी की धारा 409, 420 और 120-बी के तहत लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी), राघव वधावन और डिवीजनल अकाउंटेंट योगेश लांबा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। राघव वधावन और योगेश लांबा पर फर्जी भुगतान वाउचर के आधार पर चेक तैयार करके 25 लाख रुपये का गबन करने का आरोप लगाया गया था।
यूएचबीवीएन के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संशोधित पेंशन एरियर और अन्य फंड से कथित तौर पर गबन किया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ वाउचर अनियमित लग रहे थे, जिनके खिलाफ 2016 में चार चेक तैयार करके 25,06,883 रुपये का भुगतान किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच ईडी द्वारा भी की जा रही है। ऐसे में यह जांच और कितनी लंबी चलेगी, इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन सूत्रों के अनुसार एड इस मामले में लंबी जांच करेगी। संवाद