संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चावल घोटाले में नामजद राइस मिल संचालक जावेद खान की पौंटी गांव स्थित दो राइस मिलों की अब नीलामी की जाएगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने रकारी धान और चावल की रिकवरी के लिए विभाग ने तीन जून को नीलामी प्रक्रिया तय की है। दोनों मिलों और उनसे जुड़ी चल-अचल संपत्तियों के लिए 1.79 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस निर्धारित किया गया है।
मिलर की कुल 39.4 कनाल जमीन को विभाग पहले ही अपने कब्जे में ले चुका है। इनमें से 14 कनाल 10 मरले भूमि पर दोनों मिल लगी हैं। नीलामी में न्यू किसान राइस मिल की सात कनाल भूमि तथा किसान राइस मिल की सात कनाल 10 मरले भूमि शामिल होगी। वर्ष 2024-25 में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने न्यू किसान राइस मिल को तथा हैफेड ने किसान राइस मिल को धान कुटाई के लिए धान आवंटित किया था।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार न्यू किसान राइस मिल को एक लाख 19 हजार 735 कट्टे धान दिए गए थे। इसके एवज में 30,083.42 क्विंटल चावल एफसीआई को जमा कराना था, लेकिन मिल संचालक ने केवल 23,490 क्विंटल चावल ही जमा कराया। जांच में 6,629.94 क्विंटल चावल कम पाया गया। सितंबर 2025 में विभागीय टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में चावल की कमी सामने आई थी।
अक्तूबर 2025 में थाना सदर जगाधरी में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। बाद में हैफेड ने भी अलग मामला दर्ज कराया। हैफेड के अनुसार किसान राइस मिल पर 9,994.66 क्विंटल चावल बकाया है, जिसकी कीमत करीब 4.57 करोड़ रुपये आंकी गई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक विभु गोयल ने बताया कि जावेद खान के खिलाफ डीएफएससी और हैफेड की ओर से करीब आठ करोड़ रुपये के दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हैं। नीलामी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी।