यमुनानगर। रामपुरा में ग्रीन पार्क के नजदीक रहने वाले जोगिंद्र सिंह की पत्नी 75 वर्षीय हरबंस कौर के निधन पर परिजनों की ओर से उनकी आंखें दान की गईं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे नेत्रदान पखवाड़े के बारे में परिजनों को पता चला तो उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क किया। विभाग की नेत्रदान काउंसलर मनीषा ने टीम के साथ डॉ. ईश चड्ढा और राजीव भाटिया ने नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कराया।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में 23 अगस्त से आठ सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसके तहत लोगों को नेत्रदान करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह कर रहे हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विपुल गोयल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नेत्रदान के लिए जागरूकता फैलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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नेत्रदान पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को जोड़ा जा रहा है। डॉ. निशा बुरा ने नेत्रदान को जीवनदायिनी सेवा बताते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। काउंसलर मनीषा ने बताया कि नेत्रदान ऐसा महादान है जिससे किसी नेत्रहीन को जीवन में नई रोशनी मिलती है।
उन्होंने अपील की कि वे भी इस अभियान का हिस्सा बनें और नेत्रदान का संकल्प लें। हरबंस कौर के परिवार का निर्णय पूरे समाज को एक प्रेरणादायी संदेश देगा। मनीषा ने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के निधन होने पर उनकी आंखें दान करने के लिए परिजन डायल 112 या एंबुलेंस कंट्रोल रूम में फोन कर सकते हैं। निधन के छह से आठ घंटे तक ही आंखें दान की जा सकती हैं। शिविर लगाकर लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक किया जा रहा है।