संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा (यमुनानगर)। चार साल से लापता व्यक्ति को दो दोस्तों ने परिवार को मिला दिया। इसके लिए दोनों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। आखिरकार लापता व्यक्ति के परिजन उसे लेने के लिए साढौरा पहुंच गए।
पश्चिम बंगाल के जिला उत्तर दिनाजपुर का रहने वाला 43 वर्षीय रब्बानी 2019 में मुंबई में काम करने के लिए घर से रवाना हुआ था। वह रास्ते में ही कहीं लापता हो गया। उसकी मानसिक हालत ठीक न होने के कारण वह अपने परिवार का ठिकाना भी नहीं बता पाया तो उसे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ा। उधर उसका परिवार उसकी तलाश करके हताश हो चुका था।
मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले अजूबा व महाराष्ट्र के रहने वाले कृष्णा को रब्बानी दोसड़का चौक के एक ढाबे पर मिल गया।
ढाबे के मालिक ने इन दोनों को बताया कि रब्बानी कई दिनों से यहां भटक रहा है। भाषा समझ में नहीं आ रही है। अजूबा नेे बात की तो बंगाली में जवाब दिया।
अजूबा को उससे बातचीत में उसके घर के बारे में कुछ जानकारी मिली। कस्बे में ज्वेलरी बनाने का काम करने वाले अजूबा व कृष्णा ने रब्बानी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। अजूबा ने रब्बानी का वीडियो पश्चिम बंगाल में रहने वाले अपने दोस्तों व परिवार को भी भेज दिया। वहां यह वीडियो वायरल हुआ तो इस युवक की पहचान पश्चिम बंगाल के जिला उत्तर दिनाजपुर का रहने वाले 43 वर्षीय रब्बानी के तौर पर हुई। इसके बाद अजूबा व कृष्णा ने वहां की पुलिस के माध्यम से रब्बानी के परिवार से संपर्क साधा। आखिरकार अजूबा व कृष्णा के प्रयास सफल रहे और आज रब्बानी का भाई शहजान व भांजा शफीकुल आलम रब्बानी को लेने साढौरा पहुंच गए।
चार साल से लापता रब्बानी से मिलकर उन्हें बहुत खुशी हुई। शहजान ने बताया कि रब्बानी के लापता होने से परिजन बहुत परेशान थे। इसी दौरान रब्बानी की माता व बड़े भाई की भी मौत हो गई। रब्बानी के लापता होने के बाद उसके बड़े भाई ने रब्बानी की बेटी का निकाह संपन्न करवा दिया।