थाना प्रताप नगर में धरना देते किसान।
- फोटो : Yamuna Nagar
भाजपा की ट्रैक्टर रैली को काले झंडे दिखाने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले दो किसानों को थाने ले आना पुलिस के लिए आफत बन गया। किसान साथियों की रिहाई के लिए भारतीय किसान यूनियन के तमाम सदस्य थाने पहुंच गए। यहां नारेबाजी कर किसान थाने में ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही थाना सहित अन्य पुलिस बल भी वहां पहुंच गया, लेकिन किसानों के आगे किसी की न चली। अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। दो घंटे किसानों का धरना पुलिस व प्रशासन के लिए आफत बना रहा। इसके बाद डीएसपी पहुंचे और किसानों को शांत किया। यह घटना थाना प्रताप नगर की है। जहां भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने धरने का नेतृत्व किया। दो घंटे के बाद स्थिति संभली तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि भाजपा की ट्रैक्टर रैली का भारतीय किसान यूनियन काले झंडे दिखाकर विरोध करेगी। शिक्षा एवं वन मंत्री कंवरपाल की 15 अक्टूबर को जगाधरी से निकाली जा रही। किसान ट्रैक्टर रैली को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने विरोध करने का निर्णय लिया है। भारतीय किसान यूनियन द्वारा सोशल मीडिया पर भाजपा की इस रैली का विरोध करने का प्रचार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए संदेश को लेकर थाना प्रतापनगर पुलस ने गांव चुहड़पुर कलां के गुरदयाल सिंह तथा बक्करवाला के किसान शिवकुमार को थाने बुला लिया। आरोप है कि पुलिस ने दोनों किसानों के मोबाइल कब्जे में ले लिए और दोनों से कोरे कागजो पर हस्ताक्षर करवा लिए। किसानों को थाने बुलाने पर किसान व भारतीय किसान यूनियन भड़क उठी। सूचना मिलते ही किसान यूनियन जिला प्रधान संजीव गुंदियाना, ब्लॉक प्रधान राजकुमार, खिजराबाद ब्लॉक प्रधान विक्की वालिया, रणवीर सिंह, गुरमुख सिंह, कुलदीप, रामपाल आदि सैकड़ों किसान सूचना मिलते ही थाना प्रताप नगर पहुंच गए। किसानों ने थाने के सामने भाजपा सरकार, शिक्षा मंत्री व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला प्रधान संजीव गुंदियाना ने बताया कि पुलिस ने चुहड़पुर कलां के किसान गुरदयाल सिंह, बक्करवाला के किसान शिवकुमार को इसलिए थाने बुलाया कि उन्होंने ट्रैक्टर यात्रा के सोशल मीडिया के संदेश को फॉरवर्ड किया गया था। संजू गुंडियाना ने कहा कि सरकार व पुलिस प्रशासन किसानों की आवाज को दबाने की चेष्टा कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त किसान पीपली रैली में भाग लेने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाई। कोरोना का भय दिखाकर किसानों को रैली में भाग लेने से रोका गया। किसान नेता संजू गुंडियाना ने कहा कि शिक्षा मंत्री की तीनों कृषि बिलों को लेकर निकाली जा रही ट्रैक्टर यात्रा का सभी गांव में काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों किसानों के मोबाइल तथा कोरे कागजों पर किए गए हस्ताक्षर के दस्तावेज पुलिस वापस नहीं करेगी धरना जारी रखा जाएगा। ब्लॉक प्रधान राज कुमार ने कहा कि भाजपा किसानों की आवाज डंडे से दबाना चाहती है। जिसका विरोध जारी रहेगा उन्होंने कहा कि काले कृषि कानूनों का सभी गांव में विरोध किया जाएगा। इस मौके पर एसएचओ प्रताप नगर सुभाष चंद्र एसएचओ छछरौली पृथ्वी सिंह मौजूद रहे। धरना स्थल पर थाना प्रताप नगर पहुंचे डीएसपी राजेंद्र कुमार कहा की दोनों किसानों से केवल पूछताछ की गई है। किसी भी किसान को हिरासत में नहीं लिया गया है। किसानों से बातचीत कर मामला शांत हो गया है।