यमुनानगर। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में 23 और 24 मार्च को दो दिवसीय खरीफ कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, नई फसल किस्मों और प्राकृतिक खेती से अवगत कराना है। इस अवसर पर हरियाणा समेत देश के विभिन्न राज्यों से किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि उद्यमी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
कुलपति ने बताया कि मेले में धान, कपास, बाजरा, दलहन और तिलहन फसलों की उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों के लिए फसल उत्पादन तकनीक, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि यंत्रीकरण, बागवानी, पशुपालन और मधुमक्खी पालन से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, जैविक उत्पादों और कृषि आधारित उद्योगों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। सह निदेशक (विस्तार) डॉ. सुनील ढांडा ने बताया कि एग्रो-इंडस्ट्रियल प्रदर्शनी हेतु स्टाल बुकिंग शीघ्र शुरू की जाएगी और मेले की तैयारियां प्रशासन द्वारा पूरी कर दी गई हैं। वहीं, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रमेश कुमार ने किसानों को वैज्ञानिक-किसान संवाद कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की, ताकि वे अपनी समस्याओं का समाधान सीधे विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकें। कृषि विज्ञान केंद्र, दामला के समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने जिले के किसानों से कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेले में भाग लेकर खरीफ फसलों की उन्नत तकनीकों और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी लें। उन्होंने बताया कि मेले में किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपाय और प्राकृतिक खेती के लाभ भी बताए जाएंगे।