संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साढौरा में इमिग्रेशन सेंटर संचालक के घर पर फायरिंग करने के मामले में सीआईए-2 की टीम दो और बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान हिसार निवासी नसीब उर्फ मोनू व सुमित कुमार उर्फ टलला के रूप में हुई है। दोनों बदमाशों ने फायरिंग करने वाले बदमाशों को हथियार उपलब्ध कराए थे। दोनों को सीआईए-2 टीम ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि 13 सितंबर को इमिग्रेशन सेंटर संचालक नीरज के घर पर फायरिंग हुई थी। नीरज के पिता जनक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि बेटा नीरज कुमार छह माह पहले चंडीगढ़ में लोगों को विदेश भेजने का काम करता था। रुपये का लेन-देन भी करता था। तीन माह से वह दिल्ली में निजी कार्य कर रहा है। नीरज के पास 22 अगस्त को व्हाट्सएप कॉल आई थी, उसने काॅल रिसीव नहीं की। इसके बाद वाइस मैसेज आया, जिसमें धमकी दी गई थी कि तेरे जी में नुकसान कराने की है, तो बता दें। तेरे घर में 24 या 48 घंटे में घुसकर मारेंगे। फिर दोबारा कॉल आया और धमकी दी कि अब तेरा नुकसान करके ही कॉल लगाऊंगा। कॉल करने वाला बदमाश उससे 30 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। जिस नंबर से कॉल आई थी, उस नंबर से आ रही कॉल रिसीव करनी बंद कर दी।
जनक की पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक 13 सितंबर को रात दस बजे जब वह और परिवार के अन्य लोग घर पर थे, तब गोलियां चलने की आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो बिना नंबर की बाइक पर हेलमेट लगाए दो बदमाश छह-सात राउंड फायर कर भाग गए। जनक की शिकायत पर थाना साढौरा में अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया था। फायरिंग करने वाले एक बदमाश को पंचकूला के बरवाला निवासी साहिल कैल बाईपास पर पुलिस मुठभेड़ में 14 सितंबर को ही पकड़ लिया गया था, वहीं सात अक्तूबर को दूसरा बदमाश पंचकूला के बरवाला निवासी आदित्य को अंबाला के शहजादपुर से गिरफ्तार कर लिया था। सोशल मीडिया पर वेंकट गर्ग नारायणगढ़ के नाम से बनी आईडी से पोस्ट की गई थी, जिसमें वेंकट गर्ग द्वारा यह फायरिंग कराने की जिम्मेदारी लेने की बात थी। पकड़े गए साहिल व आदित्य भी वेंकट गर्ग के शूटर बताए जा रहे हैं। अब इन दोनों को हथियार उपलब्ध कराने वाले हिसार निवासी नसीब उर्फ मोनू व सुमित कुमार उर्फ टलला को हिसार से गिरफ्तार कर लिया गया।