यमुनानगर। एसआईटी ने एक बिल पर दो बार शराब सप्लाई करने के मामले में दो शराब ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। वीरवार शाम को शराब ठेकेदार ब्रजपाल राणा ने आत्म समर्पण किया था। इसके बाद स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी फर्म के ठेकेदार रिंकू सिंह को गिरफ्तार किया।
शुक्रवार को एसआइटी ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से दोनों आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया। वहीं ठेकेदार रिंकू सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई। जिस पर 29 जून को सुनवाई होगी। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने स्काॅच स्टेशन वाइंस के एल -13 गोदाम से 325 पेटी और देसी शराब कब्जे में ली है, जो कि स्टाॅक से अधिक हैं। इन शराब की पेटियों को लेकर भी उससे पूछताछ की जाएगी।
सीआईए वन की टीम ने 21 जून की शाम को नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा के पास शराब की पेटियों से भरा ट्रक पकड़ा था। यह शराब की पेटियां एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड अंबाला से रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी। जब पेटियों पर लगे बार कोड को ट्रैक एंड ट्रेस द्वारा स्कैन किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टाक इन दिखा रही हैं, जबकि इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोककर कर चेक कर लिया गया।
क्यूआरकोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है। जिसके बाद ही यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। तब ट्रक चालक रामअवतार सिंह व गोदाम के मुंशी सुशील कुमार को गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस मामले में एसआईटी गठित की गई। दो दिन पहले ट्रक चालक रामअवतार सिंह व गोदाम के मुंशी सुशील कुमार को दोबारा रिमांड पर लिया गया था। शुक्रवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में एनवी इंटरनेशनल के सेल्स मैनेजर मनोज महाजन को भी गिरफ्तार किया था।
शराब ठेकेदार बृजपाल राणा को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। कोर्ट से पांच दिन का रिमांड मांगा गया। वहीं रिंकू सरपंच के लिए भी कोर्ट से पांच दिन का रिमांड मांगा है। पुलिस ने तर्क दिया है कि एक गाड़ी से 1200 पेटी शराब पकड़े जाने के मामले में तथ्य जुटाने व रिकवरी करनी है। इसके साथ ही एल वन बृजपाल से क्यू आर कोड भी रिकवर करना है। वहीं पुलिस को छह अन्य लोकल क्यूआर काेड रिकवर करने हैं। बृजपाल से गाड़ियों की नंबर प्लेट भी रिकवर करनी हैं। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा है कि इनसे कोई रिकवरी नहीं हुई है।