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दसवीं के सामाजिक विज्ञान की परीक्षा में फ्लाइंग ने पकड़े नकल के दो केस

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दो साल बाद की ऑनलाइन शिक्षा के बाद वीरवार को दसवीं के विद्यार्थियों ने पहली बार बोर्ड की परीक्षा दी। भौतिक परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों के मन में डर था। परंतु परीक्षा का पहला प्रश्न पत्र काफी सरल रहा। जिसे देखकर विद्यार्थियों का मन प्रफुल्लित हो गया। बोर्ड की यह परीक्षा जिले के कुल 71 केंद्रों पर हुई। जिसमें कुल 16795 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। वीरवार को दसवीं का पहला पेपर सामाजिक विज्ञान का हुआ।
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इस दौरान उड़नदस्ते ने दो नकल के दो मामले पड़े। दोनों मामलों में छात्र नकल करते धरे गए। दोनों ही नेशनल ओपन बोर्ड से परीक्षा दे रहे थे। वहीं दूसरी तरफ सभी केंद्रों पर परीक्षा को लेकर चाक चौकस प्रबंध किए गए। उड़नदस्ते के साथ एसडीएम व डीसी भी केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। इसके अलावा सभी केंद्रों के बाहर पुलिस तैनात रही।दो साल पहली बार भौतिक परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी आसान प्रश्नपत्र देखकर काफी उत्साहित दिखाई दिए। केंद्रों से बाहर विद्यार्थी खिलखिलाते बाहर आए। प्रश्न पत्र को लेकर विद्यार्थियों ने आपस में चर्चा कर स्वयं अंकों का आंकलन किया। परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग, प्रशासन व पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। सभी थाना प्रभारी व डीएसपी ने अपने क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
नकल रहित परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। हर केंद्र के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से उड़नदस्ते की दस टीम बनाई गई हैं। इस दौरान फ्लाइंग ने पर्चियों से नकल करते दो छात्रों को पकड़ा। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की ओवर ऑल जिला इंचार्ज गुलशन कुमार ने बताया कि जांच के लिए फ्लाइंग ने छोटी लाइन स्थित गुरु नानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक छात्र को नकल करते पकड़ा। जबकि दूसरा मामला मॉडल कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी संस्कृति मॉडल स्कूल में पकड़ा गया। दोनों छात्रों के पास फ्लाइंग ने पर्चियां बरामद हुई। जिसके बाद केस दर्ज कर लिया गया है।
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छात्र प्रियांशु ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण दो साल से ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। वहीं संक्रमण के कारण बोर्ड की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई थी। इस बार भी लगभग पूरा साल ऑनलाइन कक्षाएं लगी। ऐसे में भौतिक परीक्षा को लेकर मन में डर था। पहली परीक्षा का प्रश्न पत्र बहुत सरल था, जिसे लेकर सभी उत्साहित रहे।
छात्र विकास ने बताया कि दो साल से नियमित पढ़ाई न होने के कारण परीक्षा को लेकर काफी डर था। परीक्षा के लिए कई दिन से तैयारियां कर रहे हैं। अध्यापक भी विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दे रहे हैं, ताकि पहली बार बोर्ड की परीक्षा के दौरान परेशानी न हो। परंतु आज का पेपर देखकर विद्यार्थियों का हौसला बढ़ गया है। अब परीक्षा को लेकर कोई डर नहीं रहा।
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