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Yamuna Nagar News: शव ले जाने के लिए पौत्र और गोद लिए पुत्र में खींचतान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। बुजुर्ग की अस्पताल में मौत के बाद उसका शव ले जाने के लिए गोद लिए पुत्र और पौत्र में पांच घंटे तक खींचतान होती रही। इस दौरान शव एंबुलेंस में ही पड़ा रहा। विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी। इस दौरान दोनों ने एक दूसरे पर जीते जी बुजुर्ग की अनदेखी के आरोप लगाए। यही नहीं गोद लिए पुत्र का कहना था कि उसे आशंका है कि दूसरा पक्ष शव ले जाने के बाद जमीन के दस्तावेजों पर अंगूठा लगवा सकता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद पुलिस ने बुजुर्ग के शव को अस्पताल में भर्ती कराने वाले पौत्र के हवाले कर दिया। साथ ही दोनों पक्षों को मिल जुलकर अंतिम संस्कार कराने की हिदायत दी।
जानकारी के अनुसार, शहर की मायापुरी कॉलोनी कांसापुर निवासी सुदर्शन प्रसाद-83 की शनिवार सुबह अस्पताल में बीमारी से मौत हो गई। वे मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला बलिया में निछुवाड़ी गांव के रहने वाले थे और यमुनानगर की पेपर मिल में नौकरी करते थे। इस दौरान उन्होंने मायापुरी कॉलोनी में ही दो प्लॉट खरीदकर मकान बनवाया था। उनकी अपनी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उनकी पत्नी ने बहन के लड़के राजू को गोद ले लिया था। बताया जा रहा है कि पहले सुदर्शन प्रसाद और उनकी पत्नी गोद लिए पुत्र राजू के साथ ही रहते थे। आरोप है कि पत्नी की मौत के बाद राजू ने सुदर्शन प्रसाद को घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वे बलिया में अपने गांव निछुवाड़ी चले गए। पौत्र जनार्दन भारती ने बताया कि वह पांच माह पहले ही दादा को लेकर निछुवाड़ी गांव गया था। वहां पर दादा ने मायापुरी में बने अपने घर और जमीन को बेचने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद वे उन्हें लेकर 12 दिसंबर को यमुनानगर आए थे। ट्रेन से उतरते ही दादा की तबीयत खराब हो गई, इसलिए उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राजू को भी सूचना दी गई, लेकिन उसने आना मुनासिब नहीं समझा। उपचार के दौरान शनिवार की सुबह सुदर्शन प्रसाद की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर राजू वहां आ धमका, जिसके बाद दोनों पक्षों में शव ले जाने के लिए विवाद खड़ा हो गया। इस बीच दोनों ने एक दूसरे को खूब खरी-खोटी सुनाई। पांच घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस और अन्य गणमान्यों की उपस्थिति में शव को पौत्र जनार्दन भारती के हवाले कर दिया गया।
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दूसरी ओर राजू का कहना है कि बचपन में ही पिता ने उसे गोद ले लिया था। अब तक उसी ने उनकी देखभाल की। पिता के 50 वर्ग गज में बनाए गए मकान में ही वह रह रहा है। इसके अलावा दो अन्य प्लॉटों को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। आरोप है कि उसके पिता अस्पताल में भर्ती हैं, उसे इस बारे में पहले नहीं बताया गया। शनिवार को उसे किसी और ने बताया कि पिता की अस्पताल में मौत हो गई है। राजू ने पुलिस से आशंका जताई कि जनार्दन भारती उसके मृत पिता का अंगूठा जमीन के दस्तावेजों पर लगवा सकता है।
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शव परिजनों को सौंप दिया है : लाभ सिंह
सिविल अस्पताल पुलिस चौकी के इंचार्ज लाभ सिंह का कहना है कि जनार्दन भारती ने ही बीमार सुदर्शन प्रसाद को अस्पताल में भर्ती कराया था, इसलिए उसे ही शव सौंपा गया है। राजू को भी कहा गया है कि वह उनके अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहता है तो जा सकता है।
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