संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में कृषि योग्य यूरिया की तस्करी पर लगातार कार्रवाई हो रही है। इसी कड़ी में शनिवार को कृषि विभाग ने पांसरा के पास 550 बैग से लदे ट्रक को पकड़ लिया। बरामद यूरिया कृभको (कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड) द्वारा निर्मित थी और यह खेप कैथल जिले से लाई गई थी।
कृषि विभाग की टीम ने पकड़े गए यूरिया के सैंपल लिए। साथ ही ट्रक को थाना सदर यमुनानगर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग मानना है कि इस यूरिया को किसी प्लाईवुड फैक्टरी या अन्य डीलरों के पास सप्लाई किया जाना था। प्लाईवुड फैक्टरियों में यूरिया का इस्तेमाल ग्लू बनाने के लिए किया जाता है। ग्लू से प्लाईबोर्ड को आपस में चिपकाया जाता है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कृषि योग्य यूरिया से भरा एक ट्रक यमुनानगर के पांसरा की तरफ जाएगा। उनकी टीम ने निगरानी रखते हुए ट्रक को पकड़ लिया। जांच करने पर ट्रक से कृषि योगय यूरिया के 550 बैग बरामद किए।
इससे पहले भी पकड़ा जा चुका यूरिया
यह पहली बार नहीं है जब जिले में कृषि योग्य यूरिया पकड़ा गया हो। जुलाई 2025 में कनालसी-बीबीपुर के बीच बने गोदाम से 450 बैग यूरिया बिना लाइसेंस के पकड़े गए। जुलाई में ही बूड़िया में दो दुकानों की जांच में 17 बैग कम पाए गए। अगस्त में जिला जेल जगाधरी से छछरौली की तरफ जाने वाली सड़क किनारे फलों के गोदाम में करीब 350 बैग यूरिया मिले। सितंबर में साढौरा में गोदाम से 894 बैग में से केवल 24 बैग ही मिले। खजूरी में गोदाम से 630 बैग यूरिया जब्त किए गए। व्यासपुर में बूटगढ़ में 210 बैग यूरिया ट्रक में पकड़े गए। नवंबर में महलांवाली गांव में 250 बैग से भरा कैंटर जब्त किया गया। जनवरी 2026 को जगाधरी क्षेत्र के आहलूवाला गांव में दो ट्रकों में करीब 2,120 बैग यूरिया किसानों ने पकड़े।
यमुनानगर में पकड़े गए ट्रक से मिला कृभको द्वारा निर्मित यूरिया के बैग। प्रवक्ता