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हाईवे पर लकड़ी से भरी ट्रालियां बनी मुसीबत

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नेशनल हाईवे पर खड़ी लकड़ी के भरी ट्रालियां। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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छछरौली। मानकपुर से लेकर जगाधरी तक नेशनल हाइवे पर खड़ी लकड़ी से भरी ट्रालियां आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। साथ ही मानकपुर लक्कड़ मंडी की बजाय सड़क पर खड़े होकर लकड़ी बेचकर मार्केट कमेटी को भी रोजाना लाखों लाखों की चपत लगाई जा रही है। जगाधरी में बिकने वाली लकड़ी का काफी बड़ा हिस्सा लक्कड़ मंडी के बाहर मार्केट कमेटी की इंट्री के बगैर ही बिक रहा है।
राहगीर दिनेश, अकरम, राजीव, कर्मवीर, दीपक, सुरेश, रोहित व जयप्रकाश ने बताया कि मानकपुर से लेकर जगाधरी तक सुबह के समय 6:00 बजे से लेकर 9:00 बजे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के कारण नेशनल हाइवे पर लकड़ी से भरी ट्राली होती हैं। ट्रैक्टर ट्रॉली चालक लक्कड़ मंडी के अंदर जाने के बजाए लकड़ी से भरी ट्रालियों को नेशनल हाइवे पर ही लगा देते हैं। जिसकी वजह से मानकपुर से अग्रसेन चौक तक दोनों तरफ जाम लगा रहता है। राहगीरों का कहना है कि जब ट्रैक्टर चालकों को सड़क पर ट्रॉली खड़ी न करने के ले कहा जाता है तो चालक ट्रैक्टर ट्राली हटाने की बजाय लड़ाई करने लग जाते हैं।
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राहगीर अंकित ने बताया कि सोमवार को सुबह के समय अचानक उसकी माता की तबीयत खराब हो गई। उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उनको लेकर अस्पताल जा रहा था। जैसे ही बुडिया चुंगी के पास पहुंचा तो नेशनल हाइवे पर लकड़ी से भरी ट्रालिओं की वजह से जाम लगा था। उसने बताया कि उसने कार से नीचे उतर कर ट्रैक्टर चालक से विनती करते हुए कहा कि कार में मरीज है। कृपया आप थोड़ी साइड दे दो ताकि वह उसको अस्पताल ले जा सके। इस बात पर ट्रैक्टर चालक ने कहा कि आपके साथ मरीज है तो मैं क्या कर सकता हूं और उसने ट्रैक्टर साइड करने में 10:15 मिनट लगा दिए। उधर कार में बैठी महिला तकलीफ बर्दाश्त करती रही।
पक्के बिलों पर बिक रही सिर्फ 10 फीसदी लकड़ी
लक्कड़मंडी मानकपुर के आढ़ती गुरिंदर, नरवैल सिंह, रिकी शेरपुर, निर्मल सिंह, राजेश, कुलदीप ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समय लक्कड़ मंडी के अंदर सिर्फ 10 फीसदी लकड़ी ही बिक रही है। 90 फीसदी लकड़ी मंडी के बाहर नेशनल हाइवे पर खड़े होकर ही बेची जा रही है। नियम यह है कि जो भी लकड़ी की ट्राली मंडी में आएगी उन सभी का लक्कड़ मंडी के गेट पर मार्केट कमेटी की ओरसे लगाए गए कांटे पर वजन होगा और वह ट्राली पक्के बिल पर बिकेगी। उसके बाद 2 फीसदी मार्केट कमेटी की फीस भी दी जाती है। मंडी के बाहर लकड़ी बेचने का यही सबसे बड़ा कारण है कि वहां लोग मार्केट कमेटी को जाने वाली दो फीसदी फीस बचा लेते हैं। लक्कड मंडी के बाहर नेशनल हाइवे पर रोजाना लगभग 500 लकड़ी की बिना पक्के बिल के खरीद-फरोख्त की जाती है। इससे मार्केट कमेटी को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
‘सड़क पर खड़ी वाली ट्रालियों पर किया जाएगा जुर्माना’
मार्केट कमेटी सचिव ऋषिराज यादव का कहना है कि पिछले कई दिनों से इस तरह की शिकायत मिल रही हैं कि काफी संख्या में ट्रालियां लक्कड़मंडी में न जाकर सड़क पर खड़े होकर ही बेची जा रही है। इसके लिए टीम तैयार कर दी गई है और पुलिस प्रोटेक्शन लेकर मंडी के बाहर बिकने वाली ट्रॉलियों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जाएगी। जो भी आढ़ती लक्कड मंडी के बाहर सड़क किनारे खड़े होकर लकड़ी बेचता पाया गया तो उस पर जुर्माना व उसका लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा।
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ट्रैफिक एसएचओ संदीप का कहना है कि नेशनल हाइवे पर खड़ी ट्रैक्टर ट्रालियों पर मंगलवार से अभियान चलाते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिसकी भी ट्राली नेशनल हाइवे पर खड़ी पाई गई तो उसका चालान किया जाएगा।
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