संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। खंड बिलासपुर की ग्राम पंचायत रानीपुर खुर्द की 50 एकड़ पंचायती जमीन पर घाड़ क्षेत्र को हर भरा रखने के लिए वन विभाग द्वारा तीन वर्ष पहले पौधरोपण किया गया था। वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की अनदेखी के कारण लोगों ने पेड़ों को काट लिया। विभाग को इस बारे जानकारी ही नहीं है।
गत पंचायत ने गांव की पंचायती जमीन को लोगों के कब्जे से मुक्त करवाकर वन विभाग को पौधरोपण के लिए दी थी। गांव के पूर्व सरपंच सुलेल चंद ने बताया कि वन विभाग ने उक्त जमीन में आम, अंजीर, जमोआ, जामुन, अमरूद, नीम, शीशम, तुन, आंवला, बेहड़ा, हरड़ व फलदार व छायादार पेड़ पौधे रोपित किए थे।
पहले दो वर्ष वन विभाग ने बहुत अच्छी तरह से पेड़ों की देखरेख की। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी रानपुर खुर्द पहुंच कर उक्त जमीन में पेड़ लगाया था। उन्होंने पहले से लगाए गए पेड़ों को देखकर वन विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा की थी। तत्कालीन वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर भी तीन बार यहां पर आएं और वन विभाग को सराहा था। वन विभाग ने देखरेख के लिए आधा दर्जन से भी ज्यादा कर्मचारी नियुक्त किए थे। सुरक्षा के लिए चौकीदार भी रखा गया था। अब वहां पर न तो देखरेख के लिए कर्मचारी है और न ही सुरक्षा को लेकर चौकीदार है।
लोग दिन रात चोरी छिपे पेड़ों को काटा जा रहा है। हरभरा दिखने वाला प्लांट उजाड़ नजर आने लगा है। सुलेल चंद ने कहा कि उन्होंने कोर्ट में केस लड़ कर पंचायत की जमीन को कब्जा मुक्त करवाकर वन विभाग को दिया था। उन्होंने पेड कटान की सूचना भी फोन पर विभाग के कर्मचारियों को दी। परंतु वन विभाग की लापरवाही के व अनदेखी के चलते पेडों का कटान लगातार जारी हैं।
उन्होंने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पेड़ काटने वालों व वन विभाग के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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