संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आयुष्मान भारत योजना में मरीजों का इलाज कर रहे जिले के अस्पतालों के 20 करोड़ रुपये अटक गए हैं। यह भुगतान चार से पांच माह का है, जो सरकार की ओर से अस्पतालों को नहीं हो पाया। इस पर आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आह्वान पर जिले के 35 अस्पताल सात अगस्त से आयुष्मान भारत योजना में इलाज बंद करने जा रहे हैं।
आईएमए ने सरकार से सात अगस्त से पहले 15 जुलाई तक का भुगतान देने की मांग की है, ऐसा न होने पर उक्त अस्पतालों में योजना से बीपीएल परिवारों को इलाज नहीं मिल पाएगा। योजना के तहत बनने वाले आयुष्मान कार्ड पर लोग पांच लाख रुपये का इलाज हर साल मुफ्त में करवा सकते हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने चिरायु योजना को भी इसके साथ जोड़ दिया है।
इसमें लोग हर साल 1500 से पांच हजार रुपये देकर पांच लाख रुपये तक का इलाज करवा सकते हैं। जिले में आयुष्मान भारत योजना के कुल पात्रों की संख्या सवा आठ लाख हो गई है। इनके इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना के पैनल पर जिले में 45 निजी अस्पताल हैं। इनमें लोग आयुष्मान कार्ड दिखाकर उपचार करवा सकते हैं।
आईएमए के मानद सचिव डॉ. डीके सोनी ने बताया कि भुगतान न होने से डॉक्टरों को अस्पतालों का रखरखाव करना मुश्किल हो गया है। यमुनानगर में अस्पतालों के योजना से 20 करोड़ रुपये बकाया है। सरकार से सात अगस्त तक 15 जुलाई तक का भुगतान करने की मांग की गई है। ऐसा न होने पर सात अगस्त के बाद आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल योजना के तहत इलाज करना बंद कर सकते हैं।