संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मानसून की बारिश के बाद शहर में जलभराव हुआ तो इनमें मच्छर पनप गए। अब शाम होते ही घर से बाहर निकलने पर लोगों पर मच्छरों का हमला हो रहा है जो उन्हें बीमार कर रहा है। डेंगू के केस मिल भी रहे हैं।
इसके बावजूद नगर निगम की तरफ से अभी तक शहर के किसी वार्ड में फॉगिंग नहीं करवाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि वह एक माह से नगर निगम के स्टाफ से कह रहे हैं कि वह फॉगिंग के लिए उनके पास से दवा ले जाएं, लेकिन कोई लेने के लिए आता। उल्टा उच्चाधिकारियों की बैठकों में यह दोष मढ़ा जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग उन्हें दवा उपलब्ध नहीं करवा रहा है। चार दिन पहले नगर निगम कर्मी 200 लीटर पायरोथ्रम दवा फॉगिंग के लिए लेकर गए हैं। बारिश के बाद मच्छरों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गई है। घर से बाहर निकले नहीं कि मच्छर डंक मार देता है। हालांकि घरों के अंदर भी मच्छरों का आतंक देखने को मिल रहा है। इसलिए शहरवासी अपने वार्ड के पार्षदों को उनके घर के आसपास फॉगिंग करने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। अब तक एक भी वार्ड में फॉगिंग शुरू नहीं हो पाई है।
ऐसे हालात में फॉगिंग न होने से पार्षद नगर निगम अधिकारियों से सवाल कर रहे हैं। गर्मी, उमस और पानी भरने की वजह से अक्सर मच्छर पनपने के लिए सही वातावरण मिल जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मानसून में मच्छरों से होने वाली बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार आदि शामिल हैं।
शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां हल्की सी बारिश में जलभराव की स्थिति हो जाती है। जिस कारण शहर में मच्छर अब तेजी से पनपने लगे हैं। जिले में 5101 घरों की जांच की जा चुकी है। जिनमें से 100 में मच्छरों का लार्वा पाया जा चुका है।