संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अफसरों के लगातार तबादलों से नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी चर्चा में है। निगम स्टाफ से लेकर जनप्रतिनिधियों व आमजन की जुबान पर भी यह चर्चा है। शहर के काफी लोग अफसरों के लगातार तबादले से नाखुश भी हैं। उनका कहना है कि गत एक साल में तीन चुनावों से शहर में विकास की गति धीमी रही, वहीं अब नगर निगम से एक के बाद एक बड़े अफसरों के तबादलों से भी विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
नगर निगम से माहभर में एक के बाद एक अफसरों के तबादले हुए हैं। पहले एसई हेमंत कुमार का पंचकूला तबादला हुआ। इसके बाद अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार का करनाल तबादला हुआ फिर नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा का मानेसर तबादला हो गया है। अफसरों के तबादलों का सिलसिला यही नहीं रुका।
इंजीनियरिंग ब्रांच से एक्सईएन नरेंद्र सुहाग के फरीदाबाद व एक्सईएन विकास धीमान के गुरुग्राम ट्रांसफर के आर्डर हो गए हैं। अन्य जिलों में ट्रांसफर होकर गए नगर निगम आयुक्त सहित एसई व दोनों एक्सईएन के पास शहर की कई बड़ी विकास परियोजनाओं की जिम्मेदारी थी। इनमें दिव्य नगर योजना के तहत चल रहे वर्कशॉप, जिमखाना व गोबिंदपुरी, तीनों सड़कों के सुंदरीकरण, सेक्टर-17 में ओपन एयर थिएटर व ऑडिटोरियम, अमृत में सीवर व नालों के निर्माण के कार्य शामिल थे।
साथ ही पुराना हमीदा हेड के साथ बड़ा पार्क व फतेहपुर पुल से बाडी माजरा पुल तक रिवर फ्रंट सहित अन्य कई विकास कार्य प्रक्रिया में थे। इन कामों पर नगर निगम के बड़े अफसरों के तबादलों का असर पड़ सकता है। हालांकि एएमसी धीरज कुमार आ चुके हैं, पर विकास कार्य सिरे चढ़ाने के लिए इंजीनियरिंग ब्रांच में एसई व एक्सईएन का होना जरूरी है। इनके न होने से विकास कार्य की मंजूरी लेने से लेकर अनुमान तैयार करने सहित टेंडर लगाने व अलॉट करने जैसी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।