संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। बिजली दरों में वृद्धि को लेकर सोमवार को उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारी सड़क पर उतरे। इस दौरान उन्होंने बिजली दरों को लेकर विरोध जताया। वहीं प्रतिनिधिमंडल यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा से मिला। यहां मंडल की ओर से विधायक को ज्ञापन देकर बढ़ी बिजली दर व फिक्स चार्ज वापस लेने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने किया। मित्तल ने कहा कि बिजली निगम की नीतियों के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। बिजली बिल, जिसमें फिक्स चार्ज, फ्यूल चार्ज, डयूटी चार्ज, सरचार्ज, नगर निगम टैक्स सहित सभी तरह के टैक्स हैं, अप्रत्याशित चार्ज बढ़ने से बिजली दर में भारी वृद्धि हो गई है। जिससे मंदी की मार झेल रहे उद्योग भी प्रभावित हुए हैं।
नए नियमों के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर भी फिक्सड चार्ज लगाया जा रहा है और स्लैब में बदलाव किए गए हैं। इससे बिजली बिल 12 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। सबसे अधिक मार पांच किलोवाट के कनेक्शन धारकों पर पड़ी है। पहले हर महीने 50 यूनिट या इससे अधिक खपत पर 2.50 रुपये से लेकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट अलग-अलग स्लैब के अनुसार बिल लिया जाता था। परंतु अब उनसे 6.50 से 7.50 रुपये प्रति यूनिट तक लिए जाने लगे हैं।
मित्तल ने कहा कि प्रदेश में कुल घरेलू उपभोक्ताओं में से करीब 78 फीसदी उपभोक्ता दो किलोवाट तक लोड वाले हैं। करीब 16 प्रतिशत दो से पांच किलोवाट और मात्र छह प्रतिशत पांच किलोवाट से अधिक लोड वाले हैं। जिससे 78 फीसदी उपभोक्ताओं के बिल में ज्यादा अंतर नहीं आया। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को लोड के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
पहले के स्लैब 151 से 250 को बदलकर अब 151 से 300 यूनिट तक कर दिया है। दूसरे स्लैब 251 से 500 यूनिट को बदलकर अब 301 से 500 यूनिट का स्लैब कर दिया गया है। वहीं, 501 से 800 वाले स्लैब में बदलकर अब 500 यूनिट के ऊपर का स्लैब माना जाएगा। बिजली दरों की बढ़ोतरी व फिक्स चार्ज बढ़ने से व्यापारी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
महेन्द्र मित्तल ने आगे कहा कि सरकार स्वदेशी को बढ़ावा देने की बात कर रही है। परंतु बिजली दरों में वृद्धि व फिक्स चार्ज में लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी से व्यापारियों के साथ अन्य लोग भी परेशान हैं। फिक्स चार्ज में 125 रुपये प्रति किलोवाट की वृद्धि ने व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। व्यापार मंडल मांग करता है कि नए उद्योगों को सरचार्ज मुक्त रखा जाए। लंबे अंतराल से व्यापारी व आम लोगों के सभी केस जो दस साल से चल रहे हैं, सभी विवाद समाप्त किए जाएं।
विधायक घनश्याम दास ने कहा कि आठ जुलाई को मुख्यमंत्री से बैठक है। जिसमें बिजली का मुद्दा रखा जाएगा। इस दौरान मुख्य रूप से विपिन गुप्ता, विजय सेठी, नरेश सागर, संजीव गुप्ता, हर्षित कांबोज, शुभम कक्कड़, अरविंद, कमल धीमान, सुरेश धीमान, महेश पासी, शीतल, सुरेश पुरी, सतीश धीमान सहित अन्य उपस्थित रहे।