दुसानी तिगरा मार्ग पर गांव तिगरी के नजदीक थर्मल पावर प्लांट की राखी से भरी ऑवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक्टिवा सवार को टक्कर मार दी। हादसे में एक्टिवा सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। संकरे मार्ग से राखी से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निकलने पर ग्रामीणों में रोष है।
मंडौली निवासी जितेंद्र कुमार (25) रविवार को किसी काम के लिए तिगरा गया था। दोपहर के समय वह अपनी एक्टिवा पर वहां से घर की तरफ लौट रहा था। जैसे ही वह तिगरा मार्ग पर गांव तिगरी के नजदीक पहुंचा तो सामने से तेज गति से आ रही है थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राखी से भरी ओवरलोडिड ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी टक्कर हो गई। हादसे में एक्टिवा सवार जितेंद्र बुरी तरह घायल हो गया वहीं, ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई।
आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से भागने में कामयाब रहा। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची एंबुलेंस की सहायता से घायल युवक को ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से बचने के लिए शॉर्टकट अपनाते हैं वाहन चालक:
ग्रामीण रिंकल, विनोद, दिनेश ने बताया कि दुसानी तिगरा मार्ग की चौड़ाई काफी कम है। पुलिस से बचने के लिए और शॉर्टकट के चक्कर में भारी वाहन चालक नेशनल हाईवे व खजूरी मार्ग छोड़ कर इस रास्ते से जाते हैं। राखी को ट्रॉलियों में भरकर दूर भेजा जाता है। अधिकतर ट्रॉलियां दुसानी तिगरा मार्ग से होती हुई अपने गंतव्य पर जाती है। मार्ग से रोजाना राखी से भरी ट्रालियां सरपट दौड़ती हैं, जो ओवरलोड होती हैं।
ग्रामीणों की मानें तो मार्ग से केवल राखी ही नहीं खनन सामग्री से भरी ट्रॉलियां भी बेरोक-टोक निकलती हैं, लेकिन पुलिस इन वाहन चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है। जबकि आगे धुंध बढ़ने पर यह कभी भी हादसे की वजह बन सकती हैं।
पाबंदी न लगी तो करेंगे प्रदर्शन:
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मार्ग से भारी वाहन और ऑवरलोडिड वाहन बेधड़क निकल रहे है। जिससे मार्ग तो क्षतिग्रस्त हो रहा है, वहीं हादसों का भी ग्राफ बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मार्ग से ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलियों व भारी वाहनों पर पाबंदी न लगाई गई तो वे आंदोलन करने का मजबूर होंगे।