साढौरा। ऐतिहासिक तोरांवाला तालाब का जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण किया जाएगा। इस पर 4.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नगरपालिका ने इसकी योजना भी तैयार कर ली है। योजना हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण को भेज दी गई है। योजना पर मुख्यमंत्री की स्वीकृति बाकी है। सीएम की मंजूरी के बाद तालाब के जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
कस्बे के पूर्वी छोर पर लगभग 12 एकड़ में तोरांवाला तालाब है। दो दशक पहले तक लबालब भरे रहने वाले इस तालाब में लोग प्रत्येक अमावस, एकादशी या अन्य पर्वों पर स्नान किया करते थे। यहां तक तोरांवाला तालाब के पक्के घाट नहाने औप कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होते थे, जबकि कच्चे घाट पशुओं को पानी पिलाने के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं।
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यह बातें अब अतीत की होकर रह गई हैं। अब यहां न पक्के घाट बचे हैं और न ही कच्चे घाट। तालाब में अब कीचड़ व गंदगी की भरमार है। समुद्र सोख जैसी वनस्पति की भरमार के कारण तालाब का पानी नजर तक नहीं आता है। तालाब का पानी दूषित होने के कारण इसका सेवन तो क्या यहां धार्मिक कर्म करना भी मुश्किल हो गया है।
नपा सचिव सुरेन्द्र मलिक के मुताबिक इस योजना के प्रति सीएम व्यक्तिगत तौर पर दिलचस्पी रख रहे हैं। योजना के तहत तालाब की सफाई व सुंदरीकरण का काम किया जाएगा। तालाब की गाद की खुदाई करके निकलने वाली मिट्टी से तालाब के तटबंध मजबूत व चौड़े बनाए जाएंगे। सरोवर के तटबंध पर पेड़ लगाने के अलावा सैर करने के लिए पथ तैयार किया जाएगा। यहां लाइट के अलावा बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना के पूरा होने पर यह जगह क्षेत्र का प्रमुख दर्शनीय स्थल और सैरगाह बन जाएगा। तालाब का पूरी तरह से प्रारूप बदल दिया जाएगा।