संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की वार्डबंदी को लेकर जारी ड्राफ्ट पर ऐतराज व सुझाव देने के लिए सोमवार आखिरी दिन है। जगाधरी एसडीएम कार्यालय में पूर्व पार्षद सहित अन्य लोग ऐतराज व सुझाव देने की तैयारी में हैं, जहां अभी तक नई वार्डबंदी के ड्राफ्ट में करीब पांच सुझाव व ऐतराज आ चुके हैं।
हालांकि ड्राफ्ट के मुताबिक नई वार्डबंदी में पहले जैसे 22 वार्ड ही हैं, पर कुछ वार्डों के क्षेत्र इधर-उधर किए गए हैं। साथ ही इस बार वार्डों के क्षेत्र व सीमाएं समझाने को ड्राफ्ट में प्रॉपर्टी मालिक के नाम के स्थान पर प्रॉपर्टी आईडी है, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पूर्व पार्षदों की मानें तो प्रॉपर्टी आईडी से वार्डबंदी समझना मुश्किल है।
वर्ष-2010 में नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी का गठन हुआ था। वर्ष-2014 में पहली कर वार्डों के चुनाव हुए। इस दौरान वार्डों की संख्या 20 थी। तब मेयर के चुनाव अप्रत्यक्ष हुए यानी वार्डों के चुने हुए पार्षदों ने मेयर का चुनाव किया। पहली बार कांग्रेस पार्टी से सरोज बाला मेयर बनी।
इसके बाद वर्ष-2018 के निगम चुनाव से पूर्व नई वार्डबंदी से वार्ड की संख्या 22 हो गई। इस बार मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष यानी जनता द्वारा किया गया और भाजपा से मदन चौहान मेयर बने। इस बार मेयर पद एससी महिला आरक्षित होने की दो साल से चर्चा है, पर अभी इस पर संक्षय बरकरार है।
इसके साथ 22 वार्डों में कौन-सा अनुसूचित जाति पुरुष, अनुसूचित जाति महिला, पिछड़ा वर्ग ए पुरुष, पिछड़ा वर्ग ए की महिला, सामान्य वर्ग के पुरुष, सामान्य वर्ग की महिला के लिए होगा, यह जानने के लिए भी चुनाव की तैयारी में लगे भावी पार्षद बेचैन है।