मंगलवार को नेशनल हाईवे 73 ए पर स्थित जिस टायर फैक्टरी में भीषण अगिभनकांड हुआ था, उसमें प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं करने के तथ्य उजागर हुए हैं।
बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने फैक्टरी का निरीक्षण किया तो उसमें प्रदूषण कंट्रोल सिस्टम फेल पाए गए। विभाग अब फैक्टरी संचालक को शो कॉज नोटिस देने जा रहा है। प्रदूषण विभाग के रीजनल आफिसर पीके शर्मा ने फैक्टरी का औचक निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि इस फैक्टरी में टायरों से तेल निकाला जाता है।
इस फैक्टरी के आसपास शेरपुर, सिंघपुरा, शेखुपूरा, शेरपुर मोड़, छछरौली, उर्जनी और चुहड़पूर समेत एक दर्जन गांव हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैक्टरी करीब दो वर्ष पहले यहां लगी थी। फैक्टरी से उड़ने वाली काली राख के कारण आसपास के लोग बीमार हो रहे हैं।
इस राख के कारण लोगों को सांस की बीमारी हो गई है। जिस समय फैक्टरी चलती है, उस समय लोगों को सांस लेना दूभर हो जाता है। घरों के अंदर भी राख गिरती है। सूरते हाल है कि लोगों के कमरों और रसोई में भी यह राख पहुंच जाती है जो खाद्य पदार्थों के साथ लोगों के पेट में जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस फैक्टरी को बंद नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री से इसे बंद करने की गुहार लगाएंगे।
प्रदूषण विभाग के रीजनल आफिसर पीके शर्मा ने बताया कि मंगलवार को टायर फैक्टरी का निरीक्षण किया गया। फैक्टरी में प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम फेल पाए गए हैं। फैक्टरी चलाने के लिए प्रदूषण विभाग से एनओसी ली गई है। कंट्रोल सिस्टम काम न करने के कारण फैक्टरी संचालक को शो कॉज नोटिस भेजा जा रहा है। जब तक फैक्टरी प्रदूषण मानकों पर खरी नहीं उतरती, तब तक एनओसी रिन्यू नहीं की जाएगी।