संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुनानगर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक और गैंग का खुलासा किया है। जयपुर राजस्थान से संचालित गैंग लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। गैंग के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह है कि तीनों की उम्र 19 से 20 साल है।
एसएचओ साइबर क्राइम थाना रविकांत ने बताया कि बीती 23 अक्तूबर को एक केस दर्ज किया गया था। पीड़ित सचिन कुमार निवासी सब्बलपुर थाना छप्पर का कहना था कि वह 12वीं तक पढ़ा है। उसकी पत्नी के फोन पर 16 सितंबर को एक लिंक आया था। जैसे ही उस लिंक पर ले गया तो वह सीधा एक टेलीग्राम आईडी पर चला गया।
वहां पर उसके साथ चैटिंग शुरू कर दी और घर बैठे पैसे कमाने का झांसा दिया। इसके बाद चैटिंग करने वाले युवक ने सात हजार रुपये का निवेश करने को कहा। झांसे में आकर उसने निवेश कर दिया। इसी तरह से वह लगातार उससे निवेश कराते रहे और करीब दो लाख 85 हजार रुपये की ठगी कर ली।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। शुरूआती जांच में आईडी का आईपी एड्रेस राजस्थान का मिला था। इसके बाद पुलिस टीम को राजस्थान के लिए रवाना किया गया था। टीम ने जयपुर के पुराना टीगारिया थाना समौदा निवासी राहुल यादव, चेतन यादव और मनीष कुमार यादव को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह काफी समय से ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। यही नहीं एक कॉल सेंटर की तरह उन्होंने पूरा सेट तैयार किया था। एक दिन में वह एक साथ 100 से अधिक लोगों को हैंडल करते थे। इनमें से जो भी झांसे में आ जाता था उसे अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश का न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।