संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खनन जोन में ज्यादातर साइट काफी समय से बंद हैं। इसके बावजूद अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब जो भी वाहन अवैध खनन या ओवरलोडिंग में पकड़ा जाएगा उस पर सात विभाग कार्रवाई करेंगे। एक वाहन पर तीन से चार लाख रुपये जुर्माना भी लगेगा।
अवैध खनन सामग्री से भरे वाहन सड़कों को तोड़ रहे हैं। इससे हादसों का ग्राफ बढ़ रहा है। जिला परिवहन विभाग की टीमें दिन रात सड़कों पर घूम कर अवैध खनन व ओवरलोड वाहनों को पकड़ रही हैं। वहीं रादौर से विधायक श्याम सिंह राणा भी मंत्री बनने के बाद अवैध खनन बड़े स्तर पर होने की बात उठा चुके हैं।
गत सप्ताह वह लघु सचिवालय में विकास कार्यों की बैठक लेने आए थे तो सबसे पहले अवैध खनन पर अंकुश लगाने के निर्देश डीसी व एसपी को दिए थे। इसके बाद अवैध खनन में पकड़े जाने वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। अवैध खनन में शामिल वाहनों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन की तरफ से जिलास्तरीय टास्क फोर्स कमेटी (खनन) का गठन किया हुआ है।
इसकी बैठक हर माह डीसी की अध्यक्षता में होती है। अवैध खनन सामग्री लेकर जाने वाले ज्यादातर वाहनों पर कार्रवाई जिला परिवहन विभाग ही करता है। यदि कोई जुर्माना नहीं देता है तो उसके खिलाफ थाने में केस दर्ज करवा दिया जाता है। मामूली जुर्माना भरने के बाद वाहन छूट जाते हैं और वह फिर से अवैध खनन में संलिप्त हो जाते हैं।
अधिकारी यह तक पता लगाने की भी कोशिश नहीं करते की वाहन चालक खनन सामग्री कहां से लेकर आया था। परंतु अब ऐसा नहीं होगा। अब जो भी विभाग अवैध खनन या ओवरलोड में शामिल किसी वाहन को पकड़ेगा तो इसकी सूचना उसे छह अन्य विभागों को भी देनी होगी।
जिनमें खनन विभाग, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, आबकारी एवं कराधान विभाग (जीएसटी), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता, हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो व उस क्षेत्र के थाना या चौकी शामिल हैं। वहीं जो वाहन मौके पर पकड़ा जाएगा उसके चालक से अब यह भी पूछा जाएगा कि वह खनन सामग्री कौन से स्क्रीनिंग प्लांट या स्टोन क्रशर से लेकर आया है।
वर्ष 2023 में एक अप्रैल से 31 मार्च 2024 तक अवैध खनन में कुल 504 वाहनों को पकड़ा गया था। जुर्माना लेने के बाद 46 वाहनों को छोड़ दिया गया। अवैध खनन करने वालों से एक करोड़ 56 लाख 42500 रुपये जुर्माना वसूला गया। इनमें से अवैध खनन के 39 केस थानों में दर्ज कराए गए। इस साल एक अप्रैल से अब तक अवैध खनन में संलिप्त 561 वाहनों को पकड़ा गया। जुर्माने लेने के बाद 50 वाहनों को छोड़ दिया गया। वहीं सभी वाहनों पर 91 लाख 3500 रुपये जुर्माना वसूला गया। इस साल अब तक अवैध खनन के 25 केस दर्ज हो चुके हैं।
अवैध खनन पूरी तरह से खत्म करेंगे : डीसी
डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि अवैध खनन पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाएगा। अब जो भी वाहन अवैध खनन में पकड़ा जाएगा उस पर सात विभाग अपने-अपने हिसाब से कार्रवाई करेंगे। यदि किसी स्टोन क्रशर से अवैध खनन सामग्री आई है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जो भी विभाग लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।