यमुनानगर। रादौर के खेड़ी लक्खा सिंह गांव में बीते वीरवार को हुई गैंगवार में दो लोगों की हत्या के मामले में पिछले तीन दिन में यमुनानगर पुलिस ने तीन राज्यों में दबिश दे चुकी है लेकिन अभी तक शूटरों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने जांच के दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और गिरफ्तार अभियुक्तों से भी पूछताछ की। इसके बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिली। उधर, एसटीएफ और अन्य जिलों की पुलिस को भी घटना का खुलासा करने के लिए लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार वीरवार को खेड़ी लक्खा सिंह गांव में जिम के बाहर पांच युवकों ने पंकज मलिक, वीरेंद्र और अर्जुन पर फायरिंग की थी। इस घटना में पंकज और वीरेंद्र की मौत हो गई थी जबकि अर्जुन गंभीर रूप से घायल हो गया था। अर्जुन का पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। इस मामले में यमुनानगर पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया था। ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जांच कर रही है। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आस-पास की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। अब तक की जांच में पता चला है कि वारदात के बाद बदमाश अलग-अलग गाड़ी बदलते हुए छछरौली की ओर फरार हो गए थे। यहां से यूपी और हिमाचल के रास्ते भी जाते हैं। इसलिए पुलिस टीमें हरियाणा के साथ पड़ोसी राज्यों में भी शूटरों की तलाश में जुटी हैं। उधर, वारदात का खुलासा करने के लिए एसटीएफ और अन्य जिलों की पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है।
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शूटरों ने पहले ही तैयार कर ली थी प्लानिंग, 25 को ही मिल गई थी गाड़ी और हथियार
यमुनानगर। अब तक की जांच में पता चला है कि हमला करने आए शूटरों को पहले से ही घटना स्थल की पूरी जानकारी दे दी गई थी। इसलिए उन्होंने वारदात के बाद भागने की पूरी प्लानिंग पहले से ही कर ली थी। यही नहीं वारदात के एक दिन पहले ही अपराधियों तक असला और गाड़ी पहुंच गई थी। गाड़ी उपलब्ध कराने वालों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन अभी तक शूटरों तक हथियार पहुंचाने वाले को चिन्हित नहीं किया जा सका है।
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रिमांड पर लिए आरोपियों से दिनभर हुई पूछताछ
पुलिस ने शूटरों को गाड़ी देने के मामले में दो आरोपी अरबाज और सचिन हांडा को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को दोनों को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था। शनिवार को दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने सन्नी के कहने पर कार दी थी। अभी इससे अधिक जानकारी पुलिस को नहीं मिली है।
अर्जुन को लगी थीं नौ गोली, आठ निकली, एक फंसी
रादौर। वारदात में घायल अर्जुन का उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। अर्जुन को नौ गोलियां लगी थीं। इनमें से आठ गोली ऑपरेशन के बाद निकाली जा चुकी है। जबकि, एक गोली शरीर में फंसी है। जिसे निकालने के लिए फिर से ऑपरेशन किया जाएगा। वारदात में उन्हेड़ी गांव निवासी अर्जुन भी गोली लगने से घायल हुआ था। अर्जुन के चाचा श्याम सिंह ने बताया कि अर्जुन का उपचार चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने अर्जुन के शरीर से आठ गोली निकाल दी गई है। जबकि, एक गोली उसकी पसलियों में फंसी हुई है। जिसे निकालने के लिए ऑपरेशन किया जाएगा। उन्होंने बताया जा रहा है कि अर्जुन की हालत में सुधार है।
वर्जन
गैंगवार के मामले की जांच की जा रही है। पुलिस टीमें लगातार बदमाशों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया जा चुका है। जल्द ही केस को सुलझा लिया जाएगा।
-राजीव देसवाल, एसपी यमुनानगर।