जगाधरी अनाज मंडी के दिन अब बहुरने वाले हैं। अनाज मंडी की लंबे समय से खस्ताहाल सड़कों की स्थिति अब जल्द ही बदल जाएगी।
इसके लिए हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड ने कमर कस ली है। मंडी की दयनीय स्थिति को सुधारने के लिए तीन करोड़ का बजट जारी किया गया है।
इस बजट से मंडी की सड़कों को भी दुरुस्त किया जाएगा और सीवरेज सिस्टम की सुविधा भी मंडी में होगी। बोर्ड की ओर से इसके लिए टेंडर लगा दिए गए हैं और 26 नवंबर को टेंडर ओपन किया जाएगा। इसके कुछ दिन बाद मंडी में काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि गेहूं के सीजन तक काम पूरा हो जाएगा और मंडी नए रंग में दिखेगी।
सड़कों पर 2.38 करोड़ होगा खर्च
बोर्ड की ओर से मंडी की सड़कों के लिए 2.38 करोड़ रुपये का बजट है। इसका टेंडर लगाया गया है। मंडी की सभी सड़कों को दोबारा से बनाया जाएगा।
इसके साथ ही बोर्ड की ओर से मंडी के दोनों गेट के पास बनी दुकानों के सामने भी कच्ची जगह को पक्का किया जाएगा, ताकि दुकानदारों को दिक्कत न हो। दुकानों के सामने जगह कच्ची होने से बरसात में दुकानदारों को दिक्कत होती है। इस समय मंडी की सड़कों की हालत काफी खराब है।
जिससे धान लेकर पहुंच रहे किसान को दिक्कतों से दोचार होना पड़ता है। पीक सीजन में तो किसानों को फसल सड़कों पर ही डालनी पड़ती है। खस्ताहाल सड़कों के कारण उखड़ी बजरी फसल में मिल जाती है।
साठ से 65 लाख रुपये खर्च होंगे
मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि मंडी में हुडा सेक्टरों की तर्ज पर सीवरेज सिस्टम स्थापित किया जाएगा। जिसका काम बोर्ड की पब्लिक हेल्थ विंग को सौंपा गया है।
इसमें 60 से 65 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि सीवरेज सिस्टम की मंडी में बहुत जरूरत थी। सीवरेज होने से मंडी में पानी की निकासी ठीक तरह से होगी।
27 साल में पहली बार हो रहा काम
जगाधरी अनाज मंडी को बने करीब 27 साल का समय हो गया। लेकिन अब तक न तो यहां पर सीवरेज सिस्टम है और सड़कों की हालत भी बदतर है।
अभी तक बोर्ड यहां पर हर सीजन से पहले पेचवर्क कर काम चला देता था। लेकिन कई साल से तो पेचवर्क भी नाकाफी साबित हो रहा था। क्योंकि सड़कों की हालत काफी खराब हो चुकी है।
सड़कें बनाने की आढ़ती लंबे समय से मांग भी कर रहे थे। डीसी को भी आढ़ती एसोसिएशन कई बार मिल चुकी हैं, लेकिन मंडी जस की तस थी। वहीं, मंडी में पानी निकासी का भी अभी तक कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में अगर हल्की सी भी बरसात हो जाए तो मंडी में जलभराव हो जाता है।
सीजन के दौरान अगर बरसात हो तो फसल भी खराब हो जाती है। सीवरेज सिस्टम होने से अब मंडी में पानी निकासी का प्रबंध बेहतर होगा।