यमुनानगर। डिजिटल अरेस्ट के मामले में यमुनानगर पुलिस ने तीन आरोपियों को जयपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ठगी में जयपुर के कुछ युवकों के खातों का प्रयोग किय था। पुलिस तीनों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
एसएचओ साइबर क्राइम थाना रविकांत ने बताया कि साइबर ठगों ने यमुनानगर के सेक्टर-17 हुडा निवासी महिला चिकित्सक को डिजिटल अरेस्ट किया था। महिला चिकित्सक को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख कर 13.20 लाख रुपये की ठगी की थी।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी थी।। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी तो को पुलिस के हाथ कुछ तथ्य आए थे। जिन खाता नंबरों में पैसे ट्रांसफर कराए गए थे उनकी डिटेल खंगाली गई। जांच में पता चला कि राजस्थान के जयपुर में बैठे कुछ युवकों के खाते प्रयोग किए गए थे।
पुलिस ने जयपुर से तीन आरोपियों जयपुर निवासी शक्ति व्यास, भगवती कालोनी जोधपुर निवासी सौरभ कपूर, सरघाटी थाना दोभी जिला गया बिहार निवासी नीरज कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खातों को किराए पर लेकर साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर कराया गया था।
पुलिस ने शक्ति व्यास के खाते से पांच लाख रुपये की धनराशि भी बरामद की है। खातों को फ्रिज करा दिया गया है। तीनों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
बैंककर्मी है शक्ति, खोल रखे थे दो खाते ःपुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी शक्ति व्यास बैंककर्मी है। उसने दो खाते खुलवा रखे थे। इनमें से एक खाते का प्रयोग साइबर ठगी की धनराशि को ट्रांसफर करने का काम किया जाता था। वहीं नीरज और सौरभ साइबर ठगी के लिए नए नए केस तलाश करते थे।
ये था मामला ः बीते नौ नवंबर को महिला चिकित्सक के पास फोन आया था। फोन कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर बात की थी। साथ ही मनी लांड्रिंग के आरोप लगाते हुए कार्रवाई का डर दिखाया था। घबराकर डाक्टर ने अलग-अलग 14 नवंबर तक उससे 13 लाख 20 हजार 277 रुपये इस खाते में जमा कराए गए। ठगों ने डाक्टर को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। 19 नवंबर को यह केस दर्ज हुआ था।