संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की रिपोर्ट में नगर निगम ने इस बार देश में 47वां स्थान पाया है। यह स्वच्छता बरकरार रहे, इसके लिए नगर निगम अधिकारियों की खुले में कचरा डालने वालों पर निगरानी रखी जा रही है। खुले में कचरा डालने वालों की सड़क किनारे लोगों के सामने कान पकड़वा कर उठक-बैठक करवाई जा रही है। कानून के जानकार निगम की इस कार्रवाई को गलत बता रहे हैं।
नगर निगम के सीएसआई हरजीत सिंह को शहर के एक से सात वार्ड, सीएसआई विनोद बेनीवाल को आठ से 15 वार्ड और सीएसआई अनिल नैन को 16 से 22 वार्ड में खुले में कचरा डालने वालों पर निगरानी रखने के आदेश हैं। यह न केवल निगरानी रखते हैं बल्कि लोगों को खुले व खाली प्लाटों में गंदगी न डालने का आह्वान भी करते हैं।
खुले में कूड़ा डालने वालों पर कार्रवाई भी करते हैं। वीरवार की देर शाम सीएसआई अनिल नैन अपनी टीम के साथ वार्ड 16 से 22 में निगरानी कर रहे थे। इस दौरान उन्हें बाईपास रोड पर एक व्यक्ति बड़ी पॉलिथीन में कूड़ा लेकर आता दिखाई दिया। सीएसआई ने अपने मोबाइल से उनकी वीडियो बनाई। व्यक्ति सड़क किनारे खुले में कूड़ा डालकर एक रेहड़ी विक्रेता के पास बैठ गया।
सीएसआई ने तुरंत उसे पकड़ लिया और उससे पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वह पास के ही एक कार्यालय में काम करता है। इस पर सीएसआई ने उस व्यक्ति से कान पकड़वा कर सड़क किनारे ही उठक बैठक करवाई। सीएसआई अपने मोबाइल से उठक-बैठक की वीडियो भी बना रहे थे। वहां से गुजर रहे लोग रूक कर यह सब देखते हुए मुस्कुराने लगे।
इसके बाद उनसे खुले में डाला गया कूड़ा उठवाया गया। हालांकि इसके बाद सीएसआई ने उन्हें समझाया भी कि नगर निगम की गाड़ी रोजाना उनके कार्यालय के पास से जाती है। वह कार्यालय से निकलने वाला कचरा निगम की गाड़ी में डाले। यदि दोबारा खुले में कचरा डाला तो पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा। कुछ दिन पहले सीएसआई ने वर्कशॉप रोड पर एक युवक को रोक कर उसकी शैक्षणिक योग्यता पूछते हुए उससे सवाल जवाब किए थे।
किसी को अपमानित करना ठीक नहीं : वरयाम सिंह
एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि खुले में कूड़ा डालना गलत है। इसके लिए नगर निगम जगह-जगह डस्टबिन रखे हुए हैं। फिर भी यदि कोई खुले में कूड़ा डाल रहा है उसे जागरूक करना चाहिए ताकि वह भविष्य में ऐसी गलती न करे। परंतु नगर निगम के अधिकारियों को किसी को भी ऐसे सरेआम अपमानित करने का अधिकार नहीं है। लोगों के कान पकड़वा कर उनसे सड़क पर ऐसे उठक बैठक नहीं करवाई जा सकती। चाहे कोई गरीब व्यक्ति है या फिर अमीर सभी संविधान में एक बराबर हैं और हर किसी की समाज में अपनी छवि है। अधिकारी कूड़ा डालने वाले पर चालान या जुर्माना लगा सकता है। यदि किसी के साथ किया गया है तो वह ऐसा करने वाले अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार रखता है। इसके अलावा मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दी जा सकती है।
खुले में कूड़ा डालने पर किसी से उठक-बैठक करवाई गई है ऐसा मामला मेरी जानकारी में नहीं है। इस बारे में संबंधित अधिकारी से जानकारी लेकर ही कुछ बता सकता हूं। - अखिल पिलानी, आयुक्त नगर निगम, यमुनानगर।