जंगलों से पेड़ों की तस्करी को रोकने के लिए वन विभाग सजग हो गया है। विभाग नेअ ब खंड के कार्यालयों के अलावा जंगल के मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए जल्द ही वन विभाग की तरफ से मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इससे पहले विभाग उन जगहों का सर्वे करेगा जहां पर सीसीटीवी लगाए जा सकते हैं। जगह चिन्हित होने के बाद उनकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे भी ऐसे होंगे जो रात के समय पूरी तरह से कार्य करेंगे। जिले में वन विभाग की कई एकड़ भूमि पर जंगल है, जहां जमोया, सफेदे तथा खैर जैसे बेशकिमती पेड़ लगे हैं।
इन्हीं पेड़ों की अक्सर तस्कर रात के समय में चोरी छिपे काट ले जाते हैं। हालांकि विभाग की तरफ से तस्करों पर कार्रवाई भी की जाती है। इसके बाद भी तस्कर चोरी छिपे के पेड़ों पर आरी व कुल्हाड़ी चला रहे हैं। दरअसल वन विभाग ने 13 नवंबर को भूड़ गांव स्थित वन विभाग के कार्यालय से टेंपो को छुड़ाने के लिए कर्मचारियों पर हमला कर दिया था, जिसमें एक कर्मचारी के सिर पर काफी गहरी चोटें आई थीं।
हालांकि मामले में पांच तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया था। कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के ऊपर इस प्रकार हमला करने का दुस्साहस तस्करों ने पहली बार किया था। पुलिस ने तब तस्करों के पास से 10 जमोया के काटे हुए पेड़ भी बरामद किए थे। इस घटना से सबक लेते हुए विभाग ने सीसीटीवी लगाने की योजना तैयार की है।
भविष्य में कर्मचारियों की घटना दोबारा न हो,इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। -विरेंद्र गिल, जिला वन विभाग अधिकारी।