संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी को अपग्रेड हुए कई साल बीत चुके हैं। बावजूद इसके अस्पताल आज भी 50 बेड के हिसाब से पुराने भवन में ही चल रहा है। 100 बेड के हिसाब से नया भवन बनने पर असमंजस है। अस्पताल परिसर में 100 बेड का नया भवन बनाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने की बात अधिकारी कह रहे हैं। जगाधरी नागरिक अस्पताल का एक मंजिला भवन कई दशक पुराना है। शहर के बीचोबीच होने के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ होती है। जगह कम होने के कारण मरीजों के बैठने तक का प्रबंध भी ठीक से नहीं हो पाता। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2021 से पहले इसे 100 बेड का दर्जा दिया गया था। तब उम्मीद जगी थी कि अस्पताल में स्टाफ बढ़ने के साथ नया भवन भी जल्द ही बन जाएगा। पांच साल बीतने पर भी अस्पताल का अपना भवन नहीं बन सका। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नए भवन का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन जगह कम होने से भवन निर्माण का कार्य सिरे नहीं चढ़ सका।
रोजाना एक हजार से ज्यादा की ओपीडी
उप जिला अस्पताल जगाधरी में रोजाना 1000 से 1100 मरीजों की ओपीडी होती है। यहां रोजाना 15 से 20 महिलाओं की डिलीवरी होती है। सुरक्षित प्रसव कराने में नागरिक अस्पताल जगाधरी को प्रथम स्थान मिल चुका है। ऐसे में जगह के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी जच्चा-बच्चा को ही उठानी पड़ती है। प्रसव के बाद एक-एक बेड पर दो महिलाओं को लिटाना पड़ता है। यदि किसी गर्भवती की डिलीवरी सर्जरी से होती है तो उसमें औसतन पांच दिन अस्पताल में रखना पड़ता है। जगह की कमी के चलते कई कमरों में दो-दो डॉक्टर बैठते हैं। जगह की कमी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यदि कोई मरीज अपना फोल्डिंग बेड भी लाए तो उसे भी रखने का स्थान नहीं है।
जगाधरी अस्पताल 100 बेड के लिए अपग्रेड हो चुका है। नए भवन का प्रस्ताव बनाकर भेज गया था। जगह की कमी होने से नया भवन नहीं बन पा रहा है। कुछ पुराने क्वार्टरों को तोड़ने पर भी सहमति बनी, फिर भी जगह पूरी नहीं हो रही है। - डॉ. पुनीत कालड़ा, जिला सूचना अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
जगाधरी अस्पताल में जगह की काफी कमी है। इससे मरीजों, डॉक्टरों व स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि जगह की कमी है तो कहीं और ली जा सकती है। अस्पताल के लिए नगर निगम जगह उपलब्ध करवा सकता है। - डॉ. अनुज मंगला, एमएस उप जिला अस्पताल जगाधरी।