संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के विष्णु नगर निवासी रामजी लाल त्योहार पर अपने पैतृक घर जाने के लिए देवरिया की टिकट बनवाने स्टेशन पहुंचे तो अचंभित रह गए। वह जिस ट्रेन की टिकट बनवा चाह रहे थे, उसमें सीट तो दूर वेटिंग भी नहीं मिली। काफी जद्दोजहद के बाद एक ट्रेन में टिकट बन पाई, लेकिन उसमें में वेटिंग 103 है। यह हालात इन दिनों यहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों में हैं।
त्योहारों के चलते अक्टूबर में किसी भी ट्रेन में सीट नहीं मिल पा रही है। यही नहीं अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग भी खत्म हो गई है। हर साल त्योहार के दिनों में ट्रेनें फुल हो जाती है और सीट मिलना मुश्किल हो जाता है, परंतु इस बार सभी त्योहार एक ही महीने में आने से यह समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। इस बार दो अक्टूबर को दशहरा है और 20 अक्टूबर को दिवाली है।
वहीं 25 अक्टूबर से तीन दिवसीय छठ महापर्व भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में दूसरे राज्यों में काम करने व रहने वाले लोग त्योहारों पर अपने घर जाते हैं। इसके चलते ट्रेनों में भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। परंतु इस बार हालात अन्य सालों की अपेक्षा काफी ज्यादा खराब हैं। चूंकि सभी त्योहार एक ही महीने में है और लोगों को इन्हीं दिनों में घर जाना है। इसके चलते यमुनानगर जगाधरी से लखनऊ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, बिहार, पश्चिमी बंगाल, असम जाने वाली सभी ट्रेनों में भीड़ के बढ़ने से सीटों की मारामारी शुरू हो गई है। यहां से जाने वाली किसी ट्रेन में कंफर्म सीट नहीं मिल रही है।
किस ट्रेन में क्या स्थिति
अमृतसर से चलकर जयनगर जाने वाली गाड़ी संख्या 14674 शहीद एक्सप्रेस में वेटिंग भी नहीं मिल रही है। इस ट्रेन में सितंबर के अंतिम दिन से अक्टूबर के अंत तक कोई सीट नहीं है। इसी तरह अमृतसर से हावड़ा जाने वाली गाड़ी संख्या 13006 हावड़ा मेल में भी नोरूम स्टेटस है। अंबाला छावनी से बरौनी जाने वाली गाड़ी संख्या 14524 हरिहरनाथ एक्सप्रेस में भी अधिकांश दिन नो-रूम स्टेटस है और अन्य दिनों में वेटिंग 240 तक है।अमृतसर से टाटानगर जाने वाली गाड़ी संख्या 18104 टाटानगर एक्सप्रेस में भी कंफर्म सीट नहीं मिल रही है। इसमें वेटिंग 150 तक पहुंच गई है। फिरोजपुर से धनबाद जाने वाली गाड़ी संख्या 13308 गंगा सतलुज एक्सप्रेस में भी वेटिंग 120 तक पहुंच गई है और दिवाली व छठ के आसपास वेटिंग भी खत्म हो गई है।