संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करीब 105 करोड़ की लागत से जिला नागरिक अस्पताल के नए भवन बने। साथ ही शवगृह को भी नया भवन मिला, पर इसमें शवों को रखने की समस्या बरकरार है। यहां एक समय में चार शव रखने की व्यवस्था है। इससे अधिक शव आने पर स्थिति बिगड़ जाती है। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि शव बिना फ्रीजर रखने पड़ते हैं। ऐसे में यहां स्टाफ व स्वजनों को गर्मी व उमस में शवों से निकलती दुर्गंध झेलनी पड़ती है।
शवगृह में शवों को रखने के लिए जो फ्रीजर है। उसमें चार चैंबर हैं। यानी चार शवों को रखा जा सकता है। अलग-अलग थाना क्षेत्र में पुलिस को अज्ञात मिले शवों को यहां शिनाख्त न होने पर 72 घंटे के लिए रखा जाता है। इसके अलावा जिले में आए दिन सड़क हादसे होते हैं। नहरों, नदियों व नालों में डूबने और रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटने सहित अन्य कई घटनाएं होती हैं।
इनमें मौत पर शव शव गृह में रखवाए जाते हैं। इन घटनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से अधिकांश मरीज यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर भेज दिए जाते हैं, जहां मौत पर शव शव गृह में रखवाए जाते हैं। ऐसे में शवगृह में चार शव रखने की व्यवस्था नाकाफी है, इसलिए यहां फ्रीजर बढ़ाने की जरूरत है।
चूंकि कई बार फ्रीजर से अधिक शव होने पर उन्हें बिना फ्रीजर रखना पड़ता है, जिससे निकलती दुर्गंध इतनी ज्यादा होती है कि शवगृह के अंदर छोड़ बाहर भी खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। लोगों को दुर्गंध से बचने के लिए नाक व मुंह पर कपड़ा बांधना पड़ता है।
इस बारे में विभाग को मांग भेजी गई है। जल्द इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। - डॉ. संजना दुआ, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।