संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम ने लावारिस कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। दावे के अनुसार एक हफ्ते में 100 कुत्तों को पकड़ कर उनकी नसबंदी की जा चुकी, लेकिन हकीकत में शहर में 25 हजार कुत्ते घूम रहे। ये कुत्ते लगातार आक्रामक हो रहे। बात करें तो अभी तक कुत्ते गली-गली तक सीमित थे, अब झुंड बनाकर लोगों के घरों के बाहर डेरा जमाने लगे हैं। ऐसे में लोगों का अपने घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
कुत्ते 10 से 15 के झुंड घरों के बाहर डेरा जमाए आराम से देखा जा सकता है। वहीं पिछले साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2024 में 6391 लोगों को कुत्तों ने काटा था। नगर निगम वहीं वर्ष 2015 में भी आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराया गया था। उस समय 16,170 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी, जिस पर करीब 1.42 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद लंबे समय तक यह प्रक्रिया बंद रही, जिससे कुत्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती गई और काटने की शिकायतें सामने आने लगीं।
हालात को देखते हुए नगर निगम सदन में दोबारा नसबंदी का प्रस्ताव पास किया गया, जिसके बाद यह अभियान फिर से शुरू किया गया है। नगर निगम ने आमजन की सुविधा के लिए 7082410524 नंबर जारी किया है। इस नंबर पर शहरवासी हर कार्यदिवस सुबह नौ से शाम पांच बजे तक आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायत कर सकते हैं। शिकायत करते समय कुत्तों की फोटो पते सहित भेजने की अपील की गई है, ताकि टीम को मौके तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए एजेंसी को टेंडर दिया गया है। टेंडर लेने वाली एजेंसी द्वारा विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो सीएसआई हरजीत सिंह और सीएसआई विनोद बेनीवाल की देखरेख में विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों में अभियान चला रही हैं। कुत्तों को पकड़ने के बाद उन्हें चनेटी स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर लाया जा रहा है, जहां नसबंदी और टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। इस कार्य पर एजेंसी को प्रति कुत्ता लगभग 1500 रुपये का खर्च दिया जाएगा।