संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करीब 105 करोड़ रुपये से जिला नागरिक अस्पताल का चार मंजिला भवन बना है। अस्पताल में निगरानी के लिए चप्पे-चप्पे पर 100 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इसके बाद भी सामान के चोरी होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। वहीं सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए किसी को भी नहीं लगाया है।
सीसीटीवी से निगरानी रखने के लिए जो कंट्रोल रूम बनाया गया है, वह अस्पताल के बेसमेंट में है। कंट्रोल रूम के एक कोने में एलईडी लगी है, जो बंद पड़ी है। किसी कर्मचारी की ड्यूटी भी यहां नहीं है, इस पर उसके बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं रखी गई है। चारों तरफ धूल जमी है। इतना ही नहीं इसके दरवाजे पर ताला भी लगा है।
जिला अस्पताल का बेसमेंट खाली पड़ा है। इसमें सेंट्रल एसी प्लांट का सिस्टम लगा है। इसके अलावा कुछ पुराना सामान भी बेसमेंट में यहां-वहां पड़ा है। बेसमेंट में किसी कर्मचारी का आना जाना ही नहीं है।
इसी बेसमेंट के एक कोने में एलईडी लगाई गई है, जो कहने को सीसीटीवी का कंट्रोल रूम है। यहां से कैमरों की निगरानी नहीं होती, जिसका फायदा चोर उठाते हैं। चोर अस्पताल से अभी तक लाखों रुपये का सामान चोरी कर चुके हैं। जिला नागरिक अस्पताल परिसर में ही सिविल सर्जन कार्यालय भी है। अस्पताल की तरह सिविल सर्जन कार्यालय में भी सीसीटीवी लगे हैं।
पहले यहां लगे सीसीटीवी का भी यही हाल था। अब सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने सीसीटीवी की डीवीआर को अपने कार्यालय में रखवा लिया है। अब वह अपने कार्यालय में लगी एलईडी से ही नजर रख रही हैं। सिविल सर्जन ने एक सीसीटीवी अपने कार्यालय के अंदर भी लगवाया है।
अस्पताल से अब तक ये सामान हुआ चोरी
सिविल सर्जन कार्यालय की छत पर रखी पानी की आठ टंकियां चोरी होने की एफआईआर 10 दिन पहले दर्ज कराई गई। टंकियों कीमत 30 हजार रुपये थी। फरवरी में ट्रामा सेंटर के भवन से दरवाजे व अन्य सामान चोरी हुआ। नवंबर 2024 में अस्पताल के ब्लॉक ए के बेसमेंट में रखे 10 ऑक्सीजन सिलिंडर चोरी हुए। इसके कुछ दिन पहले ही अस्पताल की चौथी मंजिल पर लगे पांच व छह फीट के दरवाजे, खिड़कियों पर लगे लोहे की जाली वाले 10 पल्ले चोरी हुए। इससे पहले चोरों ने पीएमओ कार्यालय में हाजिरी लगाने के लिए लगी बायोमीट्रिक मशीन को चोरी किया। जिला अस्पताल के निर्माण के वक्त ट्रामा सेंटर में रखा साइलेंस जनरेटर चोरी हुआ। यह जनरेटर इतना बड़ा था कि इसे 20 व्यक्ति भी अपने हाथों से हिला नहीं सकते थे। जिसे उठाने के लिए भी क्रेन की जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद अस्पताल से जनरेटर चोरी हो गया। मरीजों की करीब एक दर्जन बाइक चोरी हो चुकी हैं।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। मैंने सिविल सर्जन कार्यालय का कंट्रोल रूम अपने कार्यालय में बनाया है। जल्द ही जिला नागरिक अस्पताल के कैमरों का कंट्रोल रूम भी बेसमेंट से हटाकर पीएमओ कार्यालय में ही बनाया जाएगा। - डॉ. पूनम चौधरी, सिविल सर्जन, यमुनानगर।