यमुनानगर। बिलासपुर थाना क्षेत्र के नगली सादन बीट के जंगल से चोरी से काटे गए खैर के चार पेड़ हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गांव पलहौड़ी में छिपाए हुए थे। पुलिस ने दबिश देकर लकड़ी को बरामद कर लिया। लकड़ी के पास चार आरोपी भी खड़े मिले, लेकिन पुलिस को देखकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने मौके से खैर के 32 टुकड़ों को बरामद कर लिया है, इनमें से 20 टुकड़े जंगल से काटे गए चार पेड़ों के थे। पुलिस अभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
नगली सादन बीट के वन रक्षक पुष्पेंद्र ने बताया कि 27 मार्च की रात को नगली जंगल से खैर के चार पेड़ काट लिए थे। उन्हें सूचना मिली थी कि जंगल से काटे हुए खैर के पेड़ हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गांव पलहौड़ी में छिपाई हुई है। सूचना पर उन्होंने वहां पर दबिश दी। बैटरी की रोशनी से उन्हें देखा कि खैर की लकड़ी पराली के नीचे छिपाई हुई है। उसके पास ही चार व्यक्ति खड़े हुए थे। उन्होंने बैटरी की रोशनी ने उनके चेहरे देखे। जिनकी पहचान पलहौड़ी निवासी नासीद, राशिद, सलीम, जाहिद हसन उर्फ जिंदा के रूप में हुई। कुछ दूरी पर ही हरियाणा नंबर की स्कार्पियो गाड़ी खड़ी हुई थी। उन्हें देख चारों आरोपी उस गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने डारपुर से खाली गाड़ी मंगवाई। छिपाई गई लकड़ी की जांच की गई तो मौके से 32 टुकड़े छिले हुए बरामद किए गए। इन टुकड़ों को गाड़ी में लोड करवाकर नगली मुख्यालय में लाया गया। बरामद किए गए टुकड़ों की जांच की गई तो उनमें से 20 टुकड़े जंगल से काटे गए पेड़ों के थे। जबकि बाकी 12 टुकड़े अन्य स्थानों से काटे गए थे। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले में आरोपी नासीद, राशिद, सलीम व जाहिद हसन के खिलाफ केस दर्जकर किया गया। उधर बिलासपुर थाना प्रभारी जोगिंद्र का कहना है कि नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।