संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। टीबी उन्मूलन के लिए अब हाई रिस्क एरिया में 100 दिन टीबी कैंप लगाकर लोगों की बलगम व बुखार की जांच कर टीबी रोगियों का पता लगाया जाएगा। अब प्रत्येक टीबी रोगी को डीबीटी के रूप में हर महीना 500 रुपये के बजाय 1000 रुपये हर महीना दिए जाएंगे। यह जानकारी सीएचसी प्रतापनगर में आयोजित टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व सरपंच रविंद्र कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि सीएससी प्रतापनगर से अभी 174 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। सभी टीबी जांच में मेडिकल स्टाफ का सहयोग करें। पूरा इलाज लें ताकि आने वाले दिनों में देश से टीबी को समाप्त किया जा सके। उन्होंने एक टीबी रोगी को गोद लेकर इलाज कराने का आश्वासन दिया।
सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर परमिंद्र पाल ने हाई रिस्क एरिया में टीबी उन्मूलन के लिए आगामी 100 दिनों में आयोजित किए जाने वाले कैंप आदि की जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हाई रिस्क एरिया में 100 दिन का कैंप लगाकर छिपे हुए टीबी रोगियों को खोजा जा सके। हेल्थ स्टाफ की टीम हाई रिस्क एरिया में जाकर वहां पर लोगों के सैंपल लेकर टीबी के मरीजों का पता करेंगी।
उन्होंने कहा कि छछरौली में 90 टीबी के रोगियों का उपचार चल रहा है। अभी-अभी छछरौली को नया टीयू बनाया गया है। इसके अलावा 2024 से नवंबर तक 475 रोगियों का उपचार पूरा हो चुका है जो अब ठीक हैं। सरकार की ओर से नवंबर से डीबीटी 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है। अब प्रत्येक रोगी को उपचार पूरा होने तक डीबीटी के रूप में हर महीना 1000 रुपये दिए जाएंगे।