अंबाला। छावनी में डेयरी स्थानांतरण से पहले रूपरेखा तैयार करने के लिए नगर परिषद की टीम उतर गई हैं जोकि रिहायशी क्षेत्रों में जाकर डेयरियों का आकलन करेंगी।
इस दौरान टीम के सदस्य पशु पालकों से मंत्रणा करेंगे और उनकी डेयरी में कितने पशु हैं और उन्हें क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, इस संबंध में पूछताछ करेंगे। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारी के समक्ष पेश की जाएगी। इसके आधार पर ब्राह्मण माजरा में बनने वाले डेयरी कॉम्पलेक्स में पशु पालकों को जरूरत अनुसार जगह व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
डीटीपी से सत्यापित कराया नक्शा
ब्राह्मण माजरा के 21 एकड़ में सुविधाओं से सुसज्जित डेयरी कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने सरकार के निर्देशानुसार सलाहकार नियुक्त किया था। सलाहकार ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके नगर परिषद को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए निकाय विभाग के मुख्यालय भेजा गया था ताकि स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरु करवाया जा सके। लेकिन पिछले दिनों सलाहकार द्वारा तैयार किए प्रस्ताव पर एक आपत्ति लग गई थी। यह आपत्ति जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) से संबंधित थी जो अब संबंधित विभाग से सत्यापित करके दोबारा से मुख्यालय भेज दिया गया है।
एक हजार से अधिक है डेयरियां
अंबाला छावनी की आबादी लगभग दो लाख 41 हजार है। नगर परिषद के अधीन 32 वार्डो में लगभग एक हजार से अधिक डेयरियां गली-मोहल्लों में खुली हुुई हैं। इन डेयरियों से निकला कूड़ा-करकट नालियों में जलभराव का कारण बनता है। ऐसी ही गंभीर समस्या ग्वालमंडी में भी है। जहां लोग पशुओं के गोबर व गंदगी को सड़क किनारे फैंक देते हैं। ऐसे में आमजन को सड़क से निकलना भी दूभर हो जाता है। इस वजह से ग्वालमंडी से हाथीखाना मंदिर की तरफ जाने वाली पूरी सड़क पर गोबर व गंदगी बिखरी पड़ी है जो भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचा रही है।
वर्जन
ब्राह्मण माजरा में डेयरी कॉम्पलेक्स के निर्माण को लेकर सरकार के पास फाइल भेजी हुई है। इसमें एक आपत्ति लगी थी। जिसे दूर कर दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे स्वीकृति मिल जाएगी। वहीं टीम धरातल पर उतरकर पशु पालकों से भी जरूरी जानकारी जुटा रही है।
मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।