संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। चुहड़पुर कलां स्थित ठाकुरद्वारा लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में विपिन महाराज ने शबरी व श्रीराम प्रसंग का गुणगान किया। यह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
उन्होंने कहा कि श्रीराम के आने की राह देखते हुए शबरी अपनी कुटिया रोज सजाती थीं। श्रीराम के इंतजार में मीठे बेर वन से एकत्रित करके लाती थीं। एक दिन जब श्रीराम माता सीता को खोजते हुए वन में घूम रहे थे, तो उन्हें शबरी की कुटिया दिखती है। श्रीराम उनके पास जाते हैं और उन्हें अपना परिचय दिया। श्रीराम को देख शबरी द्रवित हो गईं।
शबरी श्रीराम व लक्ष्मण को अपनी कुटिया में लेकर जाती है और बैठा कर भोजन के लिए बेर खाने को देती हैं। शबरी ने चख कर सिर्फ मीठे बेर ही श्रीराम व लक्ष्मण को खाने को दिए थे। श्रीराम उन झूठे बेर को खाकर तृप्त हो जाते हैं। शबरी उन्हें बताती हैं की मतंग ऋषि ने उन्हें कहा था कि एक दिन आप सीता को खोज करते हुए आएंगे।
शबरी श्रीराम को बताती हैं कि माता सीता की खोज में वानर राज सुग्रीव उनकी सहायता करेंगे। वहीं आपके प्रिय भक्त हनुमान भी आप से मिलेंगे। शबरी श्रीराम को मतंग ऋषि की यज्ञ स्थली पर ले जाती हैं। श्रीराम से शबरी भक्ति और उसका ज्ञान मांगती हैं, जो श्रीराम उसे दे देते हैं। शबरी श्रीराम कृपा से मोक्ष प्राप्त करती है। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे।