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Yamuna Nagar News: यूरिया की कमी नहीं हो पा रही पूरी, कतार में किसान

Sat, 02 Aug 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में यूरिया की कमी पूरी होने का नाम नहीं ले रही। इफ्को व पैक्स केंद्रों के बाहर यूरिया लेने के लिए किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। शुक्रवार को भी कई सहकारी समितियों में यूरिया पहुंचा तो देखते ही देखते किसानों की कतार लग गईं।
किसान को बस यह पता लगना चाहिए कि पैक्स केंद्र पर यूरिया आया है। कुछ ही देर में वहां किसान अपने वाहन लेकर लंबी कतार में लग जाते हैं। किसानों का आरोप है कि यूरिया की तस्करी की जा रही है। जिस कारण धान रोपाई के डेढ़ माह बाद भी किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल रहा है। इससे किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है।
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शुक्रवार को पीरुवाला गांव के इफको खाद केंद्र पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली। किसानों के ट्रैक्टर-ट्रालियां व बाइक इफको केंद्र के कार्यालय से बाहर व्यासपुर-जगाधरी स्टेट हाईवे तक पहुंच गए थे। इस केंद्र से पीरुवाला, चंगनौली, चंदाखेड़ी, संखेड़ा, टेहा-टेही समेत अन्य गांवों के किसानों को खाद मिलता है।
यहां यूरिया लेने के लिए किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खाद केंद्र में मौजूद कर्मचारियों ने पहले सभी किसानों से पैसे लिए। सभी से पैसे लेने में कई घंटे लग गए। इसके बाद यूरिया बांटा गया। दरअसल इफको खाद केंद्र पर सुबह पांच बजे एक ट्रक यूरिया का आया था। किसानों को जैसे ही पता चला तो वह सुबह सात बजे से पहले ही इफको केंद्र पर अपने वाहन लेकर पहुंच गए। पीरुवाला की तरह खंड व्यासपुर के मारवा खुर्द में भी किसानों को यूरिया के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ा। किसान गुरभजन सिंह, रामकर्ण शर्मा, धर्मपाल सिंह, मेहर चंद, रामकुमार राणा ने बताया कि यूरिया के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है। अब धान को यूरिया की बहुत ज्यादा जरूरत है।
किसान गुरभजन सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों को जो यूरिया सब्सिडी पर मिलता है उसकी तस्करी प्लाईवुड फैक्टरियों में हो रही है। जिससे यूरिया की कमी हो गई है। पैक्स केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ भी रोजाना झगड़े हो रहे हैं। इससे कर्मचारी भी परेशान हो गए हैं। परंतु कृषि विभाग की तरफ से यूरिया की कमी को पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
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जिले में यूरिया की कमी नहीं है। मांग के अनुसार किसानों को यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को दिक्कत न हो इसलिए 50 प्रतिशत यूरिया सहकारी समितियों व 50 प्रतिशत निजी डीलरों के माध्यम से बंटवाया जा रहा है। इस बार बारिश ज्यादा होने से यूरिया की मांग ज्यादा की जा रही है। -डॉ. आदित्य डबास, कृषि उपनिदेशक यमुनानगर।
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